Max Healthcare: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कमाई **16%** बढ़ी, अब मेडिकल एजुकेशन में भी उतरेगी कंपनी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Max Healthcare: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कमाई **16%** बढ़ी, अब मेडिकल एजुकेशन में भी उतरेगी कंपनी

Max Healthcare ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में **16%** की जोरदार सालाना बढ़ोतरी के साथ **₹2,982 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी ने मेडिकल एजुकेशन सेक्टर में उतरने और वैशाली में **₹425 करोड़** के विस्तार को भी मंजूरी दे दी है। हालांकि, मार्जिन में मामूली गिरावट आई है और AR (Average Receivable) बढ़ा है।

Max Healthcare ने Q1 FY27 में 16% रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, मेडिकल एजुकेशन में कदम रखेगी

Max Healthcare का नेटवर्क ग्रॉस रेवेन्यू Q1 FY27 में 16% सालाना और 12% तिमाही-दर-तिमाही बढ़कर ₹2,982 करोड़ रहा। वहीं, नेटवर्क ऑपरेटिंग EBITDA 15% बढ़कर ₹704 करोड़ पर पहुंच गया।

क्या है खास?

कंपनी के बोर्ड ने मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में कदम रखने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसका लक्ष्य 25% से अधिक ROCE (Return on Capital Employed) हासिल करना है। इसके अलावा, वैशाली स्थित फैसिलिटी में 202 बेड के विस्तार के लिए ₹425 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) को भी हरी झंडी दिखा दी गई है।

यह क्यों मायने रखता है?

रेवेन्यू में यह बढ़ोतरी Max Healthcare की सेवाओं की लगातार बढ़ती मांग को दर्शाती है। मेडिकल एजुकेशन में उतरने का यह कदम भविष्य में ग्रोथ का एक नया रास्ता खोल सकता है और कंपनी को कुशल मेडिकल टैलेंट भी मुहैया कराएगा। वैशाली में विस्तार क्षमता बढ़ाने के कंपनी के इरादे को दिखाता है। हालांकि, EBITDA मार्जिन में 24.8% से 24.9% (YoY) की मामूली गिरावट और डेज सेल्स आउटस्टैंडिंग (DSO) का 95 दिनों तक बढ़ जाना चिंता का विषय है।

अब आगे क्या?

मेडिकल एजुकेशन में उतरने का फैसला कंपनी की एक बड़ी स्ट्रेटेजिक शिफ्ट है। वैशाली में विस्तार से क्षमता बढ़ेगी, वहीं पुणे ग्रीनफील्ड SPV के अधिग्रहण से नई फैसिलिटी विकसित करने की दिशा में यह एक कदम है। कंपनी को उम्मीद है कि Max Smart फैसिलिटी के बाकी बेड चालू तिमाही में शुरू हो जाएंगे।

जोखिम पर भी नजर

नई क्षमताएं जोड़ने और हॉस्पिटल अधिग्रहण के चलते निकट भविष्य में मार्जिन पर दबाव रह सकता है। CGHS और PSUs से मिलने वाले बड़े रिसीवेबल्स (AR) के कारण DSO बढ़ा है, जिससे कैश फ्लो पर असर पड़ा है। मैनेजमेंट जानबूझकर कम मुनाफा देने वाले इंस्टीट्यूशनल पेशेंट्स के वॉल्यूम को मैनेज कर रहा है।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशक अब मेडिकल एजुकेशन बिजनेस के लिए कंपनी की एग्जीक्यूशन स्ट्रेटेजी, नई क्षमताओं के बढ़ने और मार्जिन में सुधार पर अपडेट का इंतजार करेंगे। DSO और कलेक्शन साइकिल की निगरानी भी अहम होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.