Max Healthcare: ₹10,538 करोड़ रेवेन्यू पार, FY30 तक 10,000 बेड का लक्ष्य!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Max Healthcare: ₹10,538 करोड़ रेवेन्यू पार, FY30 तक 10,000 बेड का लक्ष्य!

Max Healthcare ने FY26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए **₹10,538 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **16%** ज्यादा है। कंपनी की नजरें FY30 तक अपने बेड कैपेसिटी को दोगुना कर **10,000** तक पहुंचाने पर हैं। साथ ही, कंपनी ने पूर्वी भारत में विस्तार के लिए कलिंगा हॉस्पिटल में हिस्सेदारी भी खरीदी है।

Max Healthcare FY26: दमदार ग्रोथ और बड़े विस्तार की तैयारी!

Max Healthcare Institute Ltd ने वित्त वर्ष 2026 के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेटवर्क ग्रॉस रेवेन्यू ₹10,538 करोड़ रहा, जिसमें पिछले साल की तुलना में 16% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऑपरेटिंग EBITDA ₹2,638 करोड़ रहा, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹1,631 करोड़ दर्ज किया गया।

कंपनी की आगे की क्या है योजना?

फिलहाल, Max Healthcare के पास 6,000 बेड की क्षमता है। कंपनी का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 10,000 बेड कर दिया जाए। कंपनी का नेट डेट-टू-EBITDA रेश्यो 1.0 से भी नीचे है, जो कि 2.5x के अंदरूनी लक्ष्य से काफी बेहतर है।

क्यों है ये खबर अहम?

ये नतीजे न सिर्फ कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को दर्शाते हैं, बल्कि भविष्य की ग्रोथ के लिए एक स्पष्ट रणनीति का भी संकेत देते हैं। क्षमता विस्तार और बाजार में पैठ बनाने पर फोकस किया जा रहा है। कलिंगा हॉस्पिटल का अधिग्रहण पूर्वी भारत में कंपनी के विस्तार के लिए एक बड़ा रणनीतिक कदम है, जिससे कंपनी की भौगोलिक पहुंच और बढ़ेगी।

कंपनी का लक्ष्य नए प्रोजेक्ट्स पर 20-25% का मजबूत रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) हासिल करना है। साथ ही, कम कर्ज वाली मजबूत बैलेंस शीट निवेशकों के लिए अच्छे रिटर्न की उम्मीद जगाती है।

कंपनी का पिछला सफर

Max Healthcare लगातार विस्तार कर रहा है, जिसमें ऑर्गेनिक ग्रोथ के साथ-साथ रणनीतिक अधिग्रहण भी शामिल हैं। कंपनी का यूके में अंतरराष्ट्रीय कारोबार भी अच्छी ग्रोथ दिखा रहा है, जिससे मार्जिन में बढ़ोतरी हो रही है।

अब क्या बदलेगा?

कलिंगा हॉस्पिटल के अधिग्रहण से Max Healthcare को पूर्वी भारतीय बाजार में एक मजबूत पकड़ मिलेगी। अगले पांच वर्षों में बेड क्षमता दोगुनी करने की आक्रामक योजना, बड़े निवेश और ऑपरेशनल स्केलिंग का संकेत देती है।

मैनेजमेंट ने डिविडेंड भुगतान को 20% तक बढ़ाने का फैसला किया है, लेकिन पर्याप्त लिक्विडिटी के कारण स्टॉक स्प्लिट या बोनस इश्यू की कोई योजना नहीं है।

निवेशकों के लिए ध्यान रखने योग्य बातें

निवेशकों को क्षमता विस्तार से जुड़े सीधे लागत में उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी होगी। अगले कुछ वर्षों में होने वाले बड़े पूंजीगत खर्च पर लगातार ROCE प्रदर्शन सुनिश्चित करना भी एक अहम बिंदु होगा।

अगली क्या ट्रैकिंग करें?

निवेशकों को कलिंगा हॉस्पिटल के इंटीग्रेशन और प्रदर्शन, FY30 तक बेड क्षमता लक्ष्य की प्रगति, और नए निवेशों पर Sustained ROCE पर नजर रखनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कारोबार की ग्रोथ पर भी ध्यान देना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.