Max Healthcare ने Q1FY27 में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि की तुलना में **15%** बढ़कर **₹2,835 करोड़** हो गया है। इस बीच, एक ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक पर **'BUY'** रेटिंग देते हुए **₹1,120** का नया टारगेट प्राइस तय किया है।
रेवेन्यू में 15% की उछाल
Max Healthcare ने Q1FY27 के लिए अपने कंसोलिडेटेड नेट रेवेन्यू के आंकड़े जारी किए हैं, जो कि ₹2,835 करोड़ रहे। यह पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 15% की ग्रोथ दर्शाता है। वहीं, ग्रॉस रेवेन्यू में 16% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹2,982 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के ऑपरेटिंग EBITDA में 15.5% का इजाफा हुआ है और यह ₹684 करोड़ रहा। हालांकि, नए बेड शुरू करने और अधिग्रहण से जुड़े खर्चों के कारण मार्जिन में 338 bps की कमी आई है और यह 24.1% पर आ गया है। रिपोर्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 3.8% बढ़कर ₹358 करोड़ रहा।
ब्रोकरेज का भरोसा बरकरार
Max Healthcare के इन नतीजों को देखते हुए, एक प्रमुख ब्रोकरेज फर्म ने इस शेयर पर अपना भरोसा जताया है। फर्म ने 'BUY' रेटिंग को बरकरार रखते हुए शेयर का टारगेट प्राइस ₹1,120 तय किया है। यह मौजूदा भाव ₹1,009 से लगभग 11% की तेजी का संकेत देता है। ब्रोकरेज का यह अनुमान FY28 के लिए 24x EV/EBITDA मल्टीपल पर आधारित है। कंपनी की आक्रामक विस्तार योजनाएं और हाई-वैल्यू पेयर्स पर फोकस को ग्रोथ के मुख्य उत्प्रेरक के तौर पर देखा जा रहा है, भले ही नियर-टर्म में मार्जिन पर दबाव हो।
विस्तार की रफ्तार तेज
Max Healthcare अपने नेटवर्क को लगातार बढ़ा रही है। पिछले एक साल में कंपनी ने 630 नए ऑपरेशनल बेड जोड़े हैं। हाल ही में, कंपनी ने कलिंगा हॉस्पिटल और येरवडा प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण किया है। इसके साथ ही, पुणे में 450 बेड वाला एक नया हॉस्पिटल बनाने की भी योजना है। कंपनी को लाभ कमाने वाले मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में प्रवेश की मंजूरी भी मिल गई है।
आगे क्या?
कंपनी के बोर्ड ने अपने वैशाली हॉस्पिटल में ₹425 करोड़ की लागत से 202 बेड की एक नई ब्राउनफील्ड टॉवर बनाने को मंजूरी दी है। येरवडा प्रॉपर्टीज का अधिग्रहण पूरा हो चुका है, जिससे पुणे में हॉस्पिटल बनाने का रास्ता साफ हो गया है। मेडिकल एजुकेशन में कदम रखना, जिसमें प्रति कॉलेज ₹300 करोड़ का अनुमानित कैपेक्स लगेगा, कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण विविधीकरण (Diversification) है।
जोखिमों पर नजर
Axis Securities ने कुछ जोखिमों की ओर इशारा किया है, जिनमें संभावित आर्थिक मंदी, डॉक्टरों का कंपनी छोड़कर जाना और अनियोजित कैपिटल एक्सपेंडिचर शामिल हैं, जो कंपनी की बैलेंस शीट पर दबाव डाल सकते हैं। नए ब्राउनफील्ड बेड के जुड़ने के कारण अगले 2-3 तिमाहियों तक मार्जिन पर दबाव बने रहने की उम्मीद है।
भविष्य की राह
निवेशकों को अब ऑन्कोलॉजी (कैंसर) रेवेन्यू के सामान्य होने पर करीब से नजर रखनी चाहिए, जो Q3 FY27 तक अपेक्षित है और Q4 FY27 तक पूरी तरह से ठीक हो जाने की उम्मीद है। कलिंगा हॉस्पिटल का सफल इंटीग्रेशन और वैशाली व पुणे में नए ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स का विकास भी महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए।
