Mankind Pharma ने Q2 FY27 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **37.7%** बढ़कर **₹716 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **17%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
Mankind Pharma ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में मजबूती दिखाई है। कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 17% बढ़कर ₹4,338 करोड़ रहा। वहीं, कंपनी का EBITDA 27.2% बढ़कर ₹1,175 करोड़ दर्ज किया गया। मार्जिन में 210 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ है, जिससे यह 27.1% के स्तर पर पहुंच गया है।
क्यों दिखा ये दम?
कंपनी ने हाई-मार्जिन वाले क्रॉनिक सेगमेंट पर अपना दांव लगाया है, जहां इसका मार्केट शेयर बढ़कर 37.4% हो गया है। साथ ही, इंटरनेशनल बिजनेस ने भी 33% की दमदार ग्रोथ दिखाई है। हालांकि, कंज्यूमर हेल्थकेयर डिवीजन में थोड़ी सुस्ती देखी गई है, लेकिन मुख्य फार्मा सेगमेंट ने इंडस्ट्री के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है।
नई रणनीतियां और भविष्य की राह
Mankind Pharma ने Armed Cell Therapeutics का अधिग्रहण कर CAR-T सेल थेरेपी प्लेटफॉर्म में प्रवेश किया है। इसके अलावा, कंपनी को टैक्स राहत से ₹300 करोड़ की लीगल टैक्स देनदारी कम होने का फायदा मिला है। साथ ही, R&D के तहत JAK इनहिबिटर को सरकार के PRIP प्रोग्राम के तहत फंडिंग भी मिली है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंज्यूमर हेल्थकेयर बिजनेस में रिकवरी धीमी है, जिसके FY28 तक सुस्त रहने के आसार हैं। इसके अलावा, वर्किंग कैपिटल साइकिल 46 दिनों से बढ़कर 51 दिन हो गई है, जिस पर नजर रखना जरूरी है। नई अधिग्रहणों के चलते R&D खर्च बढ़ने से शॉर्ट टर्म में लागत पर दबाव भी दिख सकता है।
