Mangalam Drugs & Organics की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सितंबर **2026** तिमाही में कंपनी को **₹7.21 करोड़** का नेट लॉस हुआ है। ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि दो बैंकों ने इसे NPA घोषित कर SARFAESI की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुनाफे पर भारी कर्ज का बोझ
कंपनी ने सितंबर तिमाही में ₹79.39 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹49.26 करोड़ से ज्यादा है। बावजूद इसके, कंपनी मुनाफे में आने में नाकाम रही और उसे ₹7.21 करोड़ का नेट लॉस उठाना पड़ा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कंपनी के ऑडिटर्स ने 'Emphasis of Matter' पैराग्राफ में साफ लिखा है कि कंपनी का भविष्य खतरे में है और इसके बिजनेस के बने रहने पर संशय है।
क्यों मचा है हाहाकार?
कंपनी पर भारी वित्तीय दबाव है। Bank of Maharashtra और Bank of Baroda ने कंपनी के अकाउंट्स को NPA (Non-Performing Asset) घोषित कर दिया है। ये अकाउंट्स अक्टूबर 2025 से ही स्वीकृत लिमिट से बाहर चल रहे हैं। कुल बकाया कर्ज ₹55.57 करोड़ तक पहुंच गया है। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि Bank of Baroda ने SARFAESI एक्ट की धारा 13(2) के तहत ₹26.72 करोड़ की डिमांड नोटिस जारी कर दी है, जिससे कंपनी की संपत्ति कुर्क होने का खतरा मंडरा रहा है।
लिक्विडिटी का संकट
बैलेंस शीट की स्थिति बेहद नाजुक है। कंपनी की करंट लायबिलिटीज उसके करंट एसेट्स से ₹45.21 करोड़ ज्यादा हैं। इन सब के बावजूद, मैनेजमेंट अभी भी ₹88.28 करोड़ की नेट वर्थ के भरोसे ऑपरेशन जारी रखने की बात कह रहा है। लेकिन ऑडिटर्स की सख्त टिप्पणी निवेशकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों की नजर अब लेंडर कंसोर्टियम के साथ होने वाली कर्ज सुलह (Debt Resolution) की बातचीत पर होनी चाहिए। कंपनी का भविष्य अब इसी ₹55.57 करोड़ के कर्ज को सुलझाने पर टिका हुआ है।
