Makers Laboratories ने सितंबर तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। पिछले साल के **₹0.12 करोड़** के नुकसान के मुकाबले कंपनी ने इस बार **₹3.95 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है, जिसका मुख्य श्रेय केमिकल मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट को जाता है।
मुनाफे में जोरदार वापसी
कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों में एक बड़ा टर्नअराउंड देखने को मिला है। सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹34.17 करोड़ से बढ़कर ₹48.21 करोड़ पर पहुंच गया है।
सेगमेंट के हिसाब से प्रदर्शन
इस ग्रोथ के पीछे केमिकल मैन्युफैक्चरिंग डिवीजन का बड़ा हाथ रहा है, जिसने ₹35.03 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट किया और ₹11.19 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) दर्ज किया। वहीं, फार्मास्यूटिकल सेगमेंट ने भी ₹13.93 करोड़ का योगदान दिया है। ऑडिट फर्म NVC & Associates LLP ने कंपनी के वित्तीय आंकड़ों पर अनमॉडिफाइड रिपोर्ट दी है, जो निवेशकों के लिए भरोसे का संकेत है।
आगे की राह क्या है?
निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि क्या कंपनी केमिकल सेगमेंट में अपने मार्जिन को बरकरार रख पाती है या नहीं। साथ ही, आने वाली तिमाहियों में फार्मा सेगमेंट का प्रदर्शन भी कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए बेहद अहम रहेगा।
