Lotus Eye Hospital का FY 2025-26 का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹0.08 करोड़** रह गया है, जो पिछले साल **₹0.74 करोड़** था। इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी का तेजी से हो रहा नेटवर्क विस्तार और नए सेंटर की ओपनिंग है।
मुनाफे में क्यों आई कमी?
कंपनी ने अपने नेटवर्क को बढ़ाने पर जोर दिया है, जिसके चलते गोबीचेट्टीपलायम (Gobichettipalayam) में नया आई-केयर सेंटर शुरू किया गया। इन विस्तार संबंधी खर्चों का असर कंपनी के बॉटम-लाइन पर पड़ा है। हालांकि, कंपनी की ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल के ₹49.56 करोड़ से बढ़कर ₹53.71 करोड़ पर पहुंच गई है, जो बिजनेस के विस्तार को दर्शाता है।
मैनेजमेंट और बोर्ड के फैसले
बोर्ड ने मैनेजिंग डायरेक्टर संगीता सुंदरमूर्ति (Sangeetha Sundaramoorthy) की सैलरी में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत अगस्त 2026 से उनका वेतन ₹6 लाख प्रति माह हो जाएगा। साथ ही, कंपनी ने फरवरी 2026 में प्रतिश एस (Prathish S) को नया कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर नियुक्त किया है।
रेगुलेटरी चुनौतियां
कंपनी को हाल ही में रेगुलेटरी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। SEBI के रेगुलेशन 17(1A) के अनुपालन में चूक के कारण कंपनी को BSE और NSE को ₹10.24 लाख का जुर्माना भरना पड़ा था। मैनेजमेंट का कहना है कि जनवरी 2026 में शेयरहोल्डर पोस्टल बैलट के जरिए इस मुद्दे को सुलझा लिया गया है।
आगे की राह
निवेशकों की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि नए सेंटर्स से कंपनी के रेवेन्यू में कितनी ग्रोथ आती है। क्या यह बढ़ी हुई मैनेजमेंट कॉस्ट भविष्य में बेहतर मुनाफा ला पाएगी? यह देखना दिलचस्प होगा।
