Lords Mark Industries ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करते हुए MedTech सेक्टर पर फोकस बढ़ाने का ऐलान किया है। कंपनी अब 'Lords Med' के नाम से जानी जाएगी और अपने रिन्यूएबल एनर्जी डिवीजन को अलग करने की योजना बना रही है।
ग्रोथ और रिस्ट्रक्चरिंग का नया रोडमैप
कंपनी ने FY27 तक ₹1,550 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है, जिसमें 12.8% का PAT मार्जिन रहने की उम्मीद है। मैनेजमेंट ने रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस को अलग करने का फैसला लिया है, जो फिलहाल कंपनी के कुल रेवेन्यू में 60% का योगदान देता है। अब कंपनी का पूरा ध्यान हाई-मार्जिन वाले MedTech सेक्टर जैसे डायलिसिस मशीन और जीनोमिक्स टेस्टिंग पर होगा।
गवर्नेंस और MPS अपडेट
रेगुलेटरी नियमों का पालन करने के लिए, कंपनी ने Nuvama को मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया है। कंपनी अपने प्रमोटर स्टेक को घटाकर 75% पर लाएगी। इसके लिए 3% का ऑफर फॉर सेल (OFS) और 2% का हिस्सा इक्विटी या प्रेफरेंस इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए डाइल्यूट किया जाएगा।
बड़ा निवेश (Capex)
अगले तीन सालों में कंपनी ₹300-350 करोड़ का भारी-भरकम निवेश करने जा रही है। इसका मुख्य केंद्र लखनऊ में बनने वाला नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होगा, जहां IVD और बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर्स तैयार किए जाएंगे।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालांकि कंपनी का विस्तार प्लान मजबूत है, लेकिन निवेशकों को रिन्यूएबल एनर्जी डिवीजन के अलग होने की टाइमलाइन पर नजर रखनी होगी। साथ ही, कंपनी का ₹450 करोड़ का रिसीवेबल्स बैलेंस भी एक अहम चिंता का विषय है, जिसे मैनेजमेंट को FY27 तक कैश फ्लो पॉजिटिव में बदलना होगा।
