Laxmi Dental Limited की **60%** हिस्सेदारी वाली सब्सिडियरी, Kids-e-Dental LLP ने EU क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम (MDR) और ISO **13485:2016** सर्टिफिकेट हासिल कर लिए हैं। इस मंजूरी के साथ ही अब कंपनी के लिए यूरोपियन यूनियन के बाजारों में अपने डेंटल प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करने का रास्ता खुल गया है।
यूरोपियन मार्केट में एंट्री का मौका
जर्मनी की प्रसिद्ध सर्टिफिकेशन एजेंसी TÜV SÜD द्वारा मिली यह मंजूरी कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। यह रेगुलेटरी सर्टिफिकेट Regulation (EU) 2017/745 के तहत दिए गए हैं, जो क्लास IIa मेडिकल डिवाइसेज जैसे कि E-iodocal, E-MTA और डेंटल क्राउन पर लागू होते हैं।
क्यों अहम है यह खबर?
यूरोपियन यूनियन के मेडिकल डिवाइस रेगुलेशन दुनिया के सबसे सख्त मानकों में गिने जाते हैं। इन प्रमाणपत्रों का मतलब है कि कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस और प्रोडक्ट क्वालिटी अब इंटरनेशनल लेवल पर स्वीकृत हैं। यह कदम कंपनी के लिए भारत से बाहर अपना मार्केट विस्तार करने के दरवाजे खोलता है।
निवेशकों के लिए क्या है आगे?
हालांकि सर्टिफिकेट मिल चुके हैं, लेकिन कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कमर्शियल एक्सपोर्ट शुरू करने के लिए कुछ प्रशासनिक औपचारिकताएं अभी बाकी हैं। निवेशकों को अब अगली तिमाही में इस पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी कब तक वहां अपने डिस्ट्रीब्यूशन चैनल स्थापित करती है। गौरतलब है कि MDR सर्टिफिकेट की वैधता 2031 तक और ISO सर्टिफिकेट की वैधता 2029 तक है, बशर्ते कंपनी लगातार ऑडिट नियमों का पालन करती रहे।
