Laurus Labs ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट दोगुने से ज्यादा बढ़कर **₹368 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **29%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुनाफे की रफ्तार
कंपनी के लिए यह तिमाही बेहद शानदार रही है। Laurus Labs का रेवेन्यू पिछले साल के ₹1,570 करोड़ से बढ़कर ₹2,026 करोड़ हो गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी का EBITDA मार्जिन 700 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 31.8% पर पहुंच गया है। प्रॉफिट में इस बड़ी उछाल के साथ ही अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹3.0 से बढ़कर ₹6.8 हो गया है।
CDMO बिजनेस का दबदबा
कंपनी के बिजनेस मिक्स में बड़ा बदलाव दिख रहा है। कुल रेवेन्यू में CDMO सेगमेंट का योगदान 31% रहा, जो कि ग्रोथ का मुख्य इंजन बना हुआ है। वहीं, 'अफोर्डेबल मेडिसिन्स' बिजनेस ने भी स्थिर प्रदर्शन करते हुए 69% रेवेन्यू में हिस्सेदारी निभाई है। कंपनी का फोकस अब ARV पोर्टफोलियो पर निर्भरता कम करके हाई-वैल्यू अवसरों पर शिफ्ट हो रहा है।
बड़ा Capex प्लान और भविष्य की राह
Laurus Labs ने अगले दो फाइनेंशियल ईयर (FY27 और FY28) में ₹3,000 करोड़ से अधिक का निवेश (Capex) करने का ऐलान किया है, जिसका 85% हिस्सा ग्रोथ प्रोजेक्ट्स पर खर्च होगा।
प्रमुख प्रोजेक्ट्स:
- यूनिट 7: बड़े स्तर की API फैसिलिटी, जिसका पहला चरण 2027 में पूरा होने की उम्मीद है।
- बायोलॉजिक्स: जीन थेरेपी और ADC प्लेटफॉर्म, जो 2027 के मध्य तक तैयार हो सकते हैं।
- एंजाइम फर्मेंटेशन: यह फैसिलिटी 2026 के अंत तक चालू होने की योजना है।
मैनेजमेंट ने भरोसा जताया है कि FY27 से EBITDA मार्जिन 30% से ऊपर बना रहेगा। हालांकि, निवेशकों को इस भारी-भरकम Capex के क्रियान्वयन (execution) और फैसिलिटीज के सही इस्तेमाल पर नजर रखनी चाहिए।
