Laurus Labs ने पेप्टाइड मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के लिए SI & C Resins Private Limited में **₹32.5 करोड़** का निवेश कर **52%** हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। कंपनी भविष्य में इस क्षमता को बढ़ाने के लिए **₹30 करोड़** का अतिरिक्त निवेश भी कर सकती है।
क्या है यह डील?
Laurus Labs ने SI & C Resins (SI&C) के साथ एक निर्णायक समझौता किया है। इस अधिग्रहण के जरिए कंपनी अपनी पेप्टाइड मैन्युफैक्चरिंग को वर्टिकली इंटीग्रेट करना चाहती है। यह डील मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।
क्यों खास है यह कदम?
पेप्टाइड दवाओं के निर्माण में रेजिन और क्रोमैटोग्राफी जैल की बड़ी भूमिका होती है। अब तक इन जरूरी चीजों के लिए बाहरी सप्लायर्स पर निर्भरता थी, लेकिन इस हिस्सेदारी के बाद Laurus Labs के पास इनका घरेलू एक्सेस होगा। इससे न केवल प्रोडक्शन कॉस्ट कम होगी बल्कि मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस भी स्टेबल बनेगा।
आगे का रास्ता और रिस्क
कंपनी ने SI&C में भविष्य में ₹30 करोड़ का अतिरिक्त निवेश करने का विकल्प भी सुरक्षित रखा है। जानकारों का मानना है कि कंपनी के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती SI&C के ऑपरेशंस को बड़े पैमाने पर (Large-scale) तैयार करना और उसे अपने मौजूदा फार्मा इकोसिस्टम के साथ सफलतापूर्वक जोड़ना होगा। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि नई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को कमिशन करने में कंपनी कितनी तेजी दिखाती है, क्योंकि इसी से लंबे समय में मुनाफे की तस्वीर साफ होगी।
