Lasa Supergenerics के लिए FY 2025-26 बेहद खराब रहा। Lote Parshuram यूनिट में लगी आग के बाद कामकाज ठप है, जिससे कंपनी का रेवेन्यू **82%** लुढ़क गया है और भारी नुकसान हुआ है।
भारी नुकसान और ठप ऑपरेशंस
कंपनी ने अपने 11वीं एनुअल रिपोर्ट में बताया कि 18 मई 2025 को Lote Parshuram स्थित मदर यूनिट में लगी आग ने पूरी मैन्युफैक्चरिंग चेन को तबाह कर दिया। इसका असर नतीजों पर साफ दिख रहा है, जहां कंपनी का रेवेन्यू पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹142.45 करोड़ से घटकर महज ₹25.14 करोड़ रह गया है। कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹34.09 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹14.71 करोड़ था।
ऑडिटर्स की चेतावनी
स्थिति इतनी गंभीर है कि इंडिपेंडेंट ऑडिटर्स ने 'Qualified Opinion' जारी किया है। उन्होंने कंपनी की एसेट्स (Assets) के इम्पेयरमेंट पर सवाल उठाए हैं और सबसे बड़ी चिंता यह जताई है कि कंपनी एक 'Going Concern' (कारोबार जारी रखने) के रूप में टिकेगी या नहीं, इस पर बड़ा संशय है। कंपनी का EBITDA भी ₹11.28 करोड़ के पॉजिटिव लेवल से गिरकर -₹7.17 करोड़ (नेगेटिव) हो गया है।
रेगुलेटरी और प्रशासनिक संकट
वित्तीय दिक्कतों के साथ-साथ कंपनी एडमिनिस्ट्रेटिव मोर्चे पर भी पिछड़ गई है। NSE और BSE ने लेट फाइलिंग, कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति में देरी और कॉर्पोरेट गवर्नेंस नियमों के उल्लंघन के लिए कंपनी पर जुर्माना लगाया है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
मैनेजमेंट फिलहाल कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग या लीजिंग जैसे विकल्पों पर विचार कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। अब निवेशकों को इंश्योरेंस क्लेम सेटलमेंट और कर्ज के रीस्ट्रक्चरिंग (Debt Restructuring) पर नजर रखनी होगी, क्योंकि कंपनी के पास इस समय नकदी (Cash flow) की भारी किल्लत है।
