Krsnaa Diagnostics ने Q2 FY27 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **31.5%** उछलकर **₹270.97 करोड़** पहुंच गया है, जबकि नेट प्रॉफिट **₹24.59 करोड़** रहा। हालांकि, **₹62.69 करोड़** के टैक्स विवाद पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Krsnaa Diagnostics ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने अन-ऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कामकाज काफी तेजी से बढ़ रहा है, जिसका सबूत रेवेन्यू में आई 31.5% की जबरदस्त ग्रोथ है। पिछले साल की समान तिमाही में रेवेन्यू ₹205.99 करोड़ था, जो अब ₹270.97 करोड़ हो गया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट ₹23.95 करोड़ से बढ़कर मामूली बढ़ोतरी के साथ ₹24.59 करोड़ पर ही सिमट गया है।
क्यों दबाव में है मुनाफा?
कंपनी का बिजनेस तो फैल रहा है, लेकिन बढ़ते हुए ऑपरेटिंग खर्चों ने मुनाफे की रफ्तार को थाम लिया है। इसमें मुख्य रूप से कर्मचारियों पर खर्च (Employee benefits) और अस्पतालों को दी जाने वाली फीस में बढ़ोतरी शामिल है।
टैक्स का पेंच क्या है?
सबसे अहम बात जो निवेशकों को समझनी चाहिए, वह है इनकम टैक्स विभाग के साथ चल रहा विवाद। साल 2017-18 से 2023-24 के असेसमेंट ईयर के लिए विभाग ने ₹62.69 करोड़ की मांग की है। कंपनी ने इसके खिलाफ ₹10.28 करोड़ का भुगतान 'प्रोटेस्ट' के तहत कर दिया है और अब मामला ITAT (Income Tax Appellate Tribunal) में ले जाने की तैयारी है।
आगे के लिए सतर्कता
मैनेजमेंट का कहना है कि इस कानूनी लड़ाई का कंपनी पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा, फिर भी निवेशकों को सलाह है कि वे ITAT में होने वाली सुनवाई और ऑपरेटिंग कॉस्ट को कंट्रोल करने की कंपनी की रणनीति पर बारीक नजर बनाए रखें।
