Krsnaa Diagnostics का FY26 में दमदार प्रदर्शन, ₹500 करोड़ केपेक्स की योजना
Krsnaa Diagnostics ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष (FY '26) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 7.77% बढ़कर ₹772.80 करोड़ रहा, जो पिछले साल FY '25 में ₹717.10 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) में 30.67% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹101.40 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में यह ₹77.60 करोड़ था।
चौथी तिमाही में भी शानदार ग्रोथ
FY '26 की चौथी तिमाही (Q4) में भी कंपनी का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। इस तिमाही में रेवेन्यू ₹192.60 करोड़ रहा और नेट प्रॉफिट (PAT) ₹41.70 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 101% से भी ज्यादा की ग्रोथ दिखाता है।
क्यों महत्वपूर्ण हैं ये नतीजे?
मुनाफे में यह मजबूत बढ़ोतरी कंपनी की बढ़ी हुई प्रॉफिटेबिलिटी और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाती है। अच्छी बात यह है कि Days Sales Outstanding (DSO) में भी कमी आई है, जो Q4 FY '26 में 155 दिनों से घटकर 139 दिनों पर आ गया है। यह वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट में सुधार का संकेत है, जो पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चलने वाले बिजनेस के लिए बेहद अहम है।
FY '27 के लिए ₹500 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) की योजना कंपनी की आक्रामक ग्रोथ स्ट्रेटेजी को दिखाती है। यह पैसा राजस्थान प्रोजेक्ट, एमआरआई (MRI) सर्विसेज और रिटेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर खर्च किया जाएगा।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Krsnaa Diagnostics मुख्य रूप से डायग्नोस्टिक सेवाओं के क्षेत्र में काम करती है, खासकर सरकारी अस्पतालों के साथ PPP मॉडल के तहत। कंपनी के लिए सरकारी संस्थाओं से मिलने वाले भुगतानों (Receivables) का प्रबंधन हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है, जिससे कैश फ्लो प्रभावित होता है। कंपनी लगातार अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने और सेवाओं के विस्तार पर काम कर रही है।
आगे क्या होगा?
आने वाले समय में, ₹500 करोड़ के Capex प्लान का एग्जीक्यूशन, राजस्थान और रिटेल सेगमेंट से रेवेन्यू में बढ़ोतरी, और DSO में लगातार कमी निवेशकों की नजरों में रहेगी। राजस्थान प्रोजेक्ट में इसकी क्षमता के बावजूद रेवेन्यू का अनुमान फिलहाल थोड़ा कंजर्वेटिव रखा गया है, जो एक धीमी गति से विस्तार का संकेत देता है। कंपनी ने ₹2 प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान भी किया है, जो शेयरधारकों को सीधा फायदा पहुंचाएगा।
जोखिम पर भी नजर
हालांकि, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी गौर करना चाहिए। सरकारी भुगतानों में संभावित देरी (जैसे HP और कर्नाटक प्रोजेक्ट में देखा गया) एक चिंता का विषय है। हाल के समय में सीनियर मैनेजमेंट (CFO, CBO, CEO) में हुए बदलावों से एग्जीक्यूशन रिस्क बढ़ सकता है, हालांकि मैनेजमेंट का कहना है कि स्थिति स्थिर है।
अगले कदम
निवेशक अब ₹500 करोड़ के Capex प्लान को लागू करने, राजस्थान और रिटेल सेगमेंट से रेवेन्यू बढ़ाने, और सरकारी बकाए को कम करने की दिशा में कंपनी के कदमों पर बारीकी से नजर रखेंगे। मैनेजमेंट की स्थिरता पर भी नजर बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
मुख्य आंकड़े (Key Metrics):
- FY '26 रेवेन्यू: ₹772.80 करोड़ (7.77% YoY ग्रोथ)
- FY '26 नेट प्रॉफिट (PAT): ₹101.40 करोड़ (30.67% YoY ग्रोथ)
- Q4 FY '26 नेट प्रॉफिट (PAT): ₹41.70 करोड़ (>101% YoY ग्रोथ)
- DSO: 139 दिन (Q4 FY '26 में, Q3 FY '26 के 155 दिन से घटकर)
- Planned Capex (FY '27): ₹500 करोड़
- Recommended Dividend: ₹2 प्रति शेयर
