Kerala Ayurveda ने FY26 के नतीजों में अपनी इनकम को **₹145.36 करोड़** तक पहुंचाया है। हालांकि, बढ़ते खर्चों के कारण कंपनी को **₹16.32 करोड़** का नेट लॉस हुआ है। अब मैनेजमेंट ने **2027** तक ब्रेक-ईवन हासिल करने का नया रोडमैप तैयार किया है।
ग्रोथ और चुनौतियों का मिला-जुला असर
Kerala Ayurveda Limited ने अपने FY26 के सालाना नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹122.15 करोड़ से बढ़कर ₹145.36 करोड़ पर पहुंच गया है। लेकिन, वर्किंग कैपिटल लोन पर बढ़े ब्याज और विस्तार की लागत के चलते कंपनी का नेट लॉस ₹13.96 करोड़ से बढ़कर ₹16.32 करोड़ हो गया है।
भविष्य का रोडमैप: 2027 तक का लक्ष्य
कंपनी अब आक्रामक विस्तार से हटकर ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर ध्यान दे रही है। मैनेजमेंट का लक्ष्य FY27 तक रेवेन्यू को ₹200 करोड़ तक ले जाना और जनवरी 2027 तक ऑपरेटिंग EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल करना है।
कर्ज कम करने के लिए फंड जुटाना
बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए बोर्ड ने प्रमोटर ग्रुप 'Katra Holding Private Limited' को ₹13.71 करोड़ के प्रिफरेंशियल शेयर (7.20 लाख शेयर, ₹190.37 प्रति शेयर की दर से) जारी करने की मंजूरी दी है। यह राशि कंपनी अपने असुरक्षित कर्ज (unsecured loans) को एडजस्ट करने में इस्तेमाल करेगी। साथ ही, कंपनी ने Ayurvedagram Heritage Wellness Centre में अपनी बची हुई 26% हिस्सेदारी खरीदकर अब उस पर पूरा मालिकाना हक हासिल कर लिया है।
सतर्क रहने की जरूरत
निवेशकों को ऑडिटर्स की 'क्वालिफाइड ओपिनियन' पर ध्यान देना चाहिए। ऑडिटर्स ने इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल, स्टैच्युटरी ड्यूज के मिलान और रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन की मॉनिटरिंग में कुछ कमियां निकाली हैं। हालांकि मैनेजमेंट ने सुधारात्मक कदम उठाने की बात कही है, लेकिन गवर्नेंस के ये मुद्दे नजरअंदाज नहीं किए जा सकते।
