KMS Medisurgi के FY26 के नतीजे कमजोर रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू **12.4%** गिरकर **₹12.21 करोड़** पर आ गया है, जबकि नेट प्रॉफिट फिसलकर **₹0.25 करोड़** रह गया। ऑडिटर ने इन्वेंट्री रिकॉर्ड और अकाउंटिंग प्रैक्टिस को लेकर कंपनी पर कई सवाल खड़े किए हैं।
मुनाफे और रेवेन्यू में सुस्ती
KMS Medisurgi Ltd के फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹13.94 करोड़ से 12.42% गिरकर ₹12.21 करोड़ पर आ गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी ₹0.44 करोड़ से घटकर महज ₹0.25 करोड़ पर सिमट गया है।
ऑडिट पर उठ रहे सवाल
कंपनी के स्टैच्युटरी ऑडिटर, M/s H.H. Dedhia & Associates ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं:
- ग्रेच्युटी वैल्यूएशन: कंपनी ने इंडिपेंडेंट एक्चुअरियल वैल्यूएशन के बजाय LIC की रिपोर्ट पर निर्भरता दिखाई है, जो AS-15 अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स के खिलाफ है।
- इन्वेंट्री रिकॉर्ड: स्टॉक रिकॉर्ड का मिलान (Reconciliation) अभी भी जारी है, जिस कारण ऑडिटर ₹2.54 करोड़ की क्लोजिंग स्टॉक वैल्यू को सत्यापित नहीं कर पाए हैं।
नई रणनीति और डिविडेंड
सुस्ती के बीच कंपनी ने अपने पोर्टफोलियो को बदलने का प्लान बनाया है। मैनेजमेंट अब ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिकल सेक्टर के लिए नए एडहेसिव टेप्स पेश करने जा रही है। साथ ही, बोर्ड ने प्रति शेयर ₹0.05 के डिविडेंड की सिफारिश की है। आगामी 30 सितंबर को होने वाली AGM में कंपनी सेक्रेटरी पूजा सोनी की नियुक्ति और डायरेक्टर रोहन देवांग कनाकिया की दोबारा नियुक्ति पर चर्चा होगी।
निवेशकों के लिए सलाह
आने वाले समय में कंपनी की इन्वेंट्री रिकंसीलिएशन प्रोसेस की प्रोग्रेस और नए प्रोडक्ट की बाजार में मांग पर नजर रखना बेहद जरूरी है। ऑडिटर की चिंताओं पर मैनेजमेंट की पारदर्शिता ही शेयरहोल्डर के भरोसे को कायम रख पाएगी।
