Krishna Institute of Medical Sciences (KIMS) Hospitals ने FY26 के लिए अपने नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू जहां **28.2%** बढ़कर **₹3,930.8 करोड़** हो गया, वहीं मुनाफा **41.7%** गिरकर **₹242 करोड़** पर आ गया। इस गिरावट की मुख्य वजह नए अस्पतालों के विस्तार पर आया खर्च है।
KIMS Hospitals के FY26 नतीजे: विस्तार के बीच मुनाफा क्यों गिरा?
Krishna Institute of Medical Sciences Ltd (KIMS Hospitals) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी के कुल रेवेन्यू में 28.2% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई, जो पिछले साल के ₹3,067.0 करोड़ से बढ़कर ₹3,930.8 करोड़ हो गया। हालांकि, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 41.7% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹242.0 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹414.8 करोड़ था।
रेवेन्यू ग्रोथ बरकरार, पर मार्जिन पर दबाव
कंपनी के टॉप-लाइन में यह ग्रोथ विस्तार योजनाओं की सफलता और मरीजों की बढ़ती संख्या को दर्शाती है। मैनेजमेंट का कहना है कि मुनाफा घटने की वजह नए अस्पतालों के शुरुआती खर्चे हैं, जो लंबी अवधि के निवेश का हिस्सा हैं। KIMS Hospitals ने अपनी विस्तार रणनीति के तहत 26 अस्पताल और 8,600 से ज्यादा बेड क्षमता हासिल कर ली है।
फंड जुटाया, अब ऑपरेशन पर फोकस
इस विस्तार के लिए कंपनी ने QIP के जरिए ₹1,500 करोड़ और प्रमोटर्स से प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए ₹600 करोड़ जुटाए थे। अब कंपनी Palakkad और Chennai में नए अस्पतालों के ऑपरेशन को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का लक्ष्य EBITDA मार्जिन को बेहतर करना है, जो FY26 में 21.1% था।
आगे क्या?
नए अस्पतालों के मुनाफे में आने में लगने वाले समय (Gestation Period) पर निवेशकों की नजर रहेगी। साथ ही, मैनपावर और यूटिलिटी कॉस्ट जैसी इनपुट लागतों में महंगाई का प्रबंधन कंपनी के लिए एक अहम चुनौती होगी। Average Revenue Per Occupied Bed (ARPOB) 14% बढ़कर ₹44,644 हो गया है, जो बेहतर सर्विसेज का संकेत है। कंपनी ने विस्तार योजनाओं के लिए कुल ₹2,100 करोड़ जुटाए थे।
