Jubilant Pharmova के बोर्ड ने **₹800 करोड़** के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) जारी करने को मंजूरी दे दी है। साथ ही, कंपनी ने अपनी कुल उधारी सीमा को बढ़ाकर **₹2,500 करोड़** करने के लिए शेयरधारकों से इजाजत मांगी है।
क्या है कंपनी की प्लानिंग?
हालिया बोर्ड मीटिंग में Jubilant Pharmova ने अपनी कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ₹1,00,000 फेस वैल्यू वाले 80,000 NCDs के जरिए ₹800 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इसके अलावा, कंपनी ने अगले 12 महीनों के लिए अपनी कुल आउटस्टैंडिंग डेट (Debt) सीमा को ₹2,500 करोड़ तक बनाए रखने के लिए शेयरधारकों से विशेष प्रस्ताव के जरिए मंजूरी मांगी है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य कंपनी की ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी को बढ़ाना है। ₹2,500 करोड़ की यह एग्रीगेट लिमिट कंपनी को जरूरत पड़ने पर तेजी से फंड जुटाने में मदद करेगी, जिससे बार-बार बोर्ड मीटिंग्स करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंपनी का लक्ष्य बिजनेस के अवसरों के हिसाब से कैश फ्लो को मैनेज करना है।
निवेशकों के लिए क्या है अपडेट?
NCDs की लिस्टिंग BSE पर प्रस्तावित है, जिससे इसमें पारदर्शिता बनी रहेगी। इन डिबेंचर्स पर कूपन रेट और इंटरेस्ट का निर्धारण बिडिंग प्रोसेस (Bidding Process) के जरिए होगा। आगे चलकर निवेशकों को कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेशियो पर नजर रखनी चाहिए ताकि यह समझ आ सके कि यह बढ़ता कर्ज कंपनी के नेट प्रॉफिट पर कितना असर डाल रहा है।
