Ipca Laboratories के शानदार नतीजे, ₹6 डिविडेंड की सिफारिश
Ipca Laboratories ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड वित्तीय नतीजों की घोषणा की है। कंपनी के स्टैंडअलोन रेवेन्यू में पिछले साल के ₹6,677.92 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹7,336.75 करोड़ हो गया है। वहीं, कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹8,939.59 करोड़ से बढ़कर ₹9,646.33 करोड़ हो गया है।
शेयरधारकों को मिलेगा ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड
कंपनी के बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026 के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दे दी है। नतीजों का सबसे बड़ा आकर्षण ₹6 प्रति शेयर (फेस वैल्यू ₹1 पर 600%) के डिविडेंड की सिफारिश है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 7 अगस्त 2026 तय की गई है, जो शेयरधारकों की वार्षिक आम बैठक (AGM) में मंजूरी के अधीन है।
मैनेजमेंट में स्थिरता, डायरेक्टर की再नियुक्ति
इसके अलावा, कंपनी ने मिस्टर प्रशांत गोधा को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर 16 अगस्त 2026 से पांच साल के लिए फिर से नियुक्त करने को भी मंजूरी दे दी है। कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditors) ने स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड वित्तीय विवरणों पर बिना किसी बदलाव की राय (Unmodified Opinion) दी है।
रेवेन्यू ग्रोथ और डिविडेंड का मतलब
सिफारिश किया गया डिविडेंड शेयरधारकों को सीधा रिटर्न देता है, जो कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन का संकेत है। रेवेन्यू में हुई ग्रोथ कंपनी की बढ़ती मार्केट प्रेजेंस और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाती है। एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की再नियुक्ति से नेतृत्व में स्थिरता और रणनीतिक दिशा में निरंतरता का पता चलता है।
पिछली परफॉर्मेंस पर एक नज़र
31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वर्ष के लिए, Ipca Laboratories का स्टैंडअलोन रेवेन्यू FY25 के ₹6,677.92 करोड़ से बढ़कर ₹7,336.75 करोड़ हो गया। कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू भी बढ़कर ₹9,646.33 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹8,939.59 करोड़ था।
स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹1,132.52 करोड़ दर्ज किया गया। कंसॉलिडेटेड PAT (मालिकों को जिम्मेदार) ₹1,141.12 करोड़ रहा। कंपनी ने नतीजों को प्रभावित करने वाले कुछ खास आइटम्स का भी जिक्र किया है, जिसमें नए लेबर कोड से संबंधित ₹30.42 करोड़ और कंसॉलिडेटेड नतीजों में Unichem यूरोपियन कमीशन मुकदमे के निपटारे से ₹58.26 करोड़ का ब्याज शामिल है।
आगे क्या?
शेयरधारकों को AGM में डिविडेंड और मिस्टर गोधा की再नियुक्ति को मंजूरी देनी होगी। कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन और किसी भी नए प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर निवेशकों की नज़रें बनी रहेंगी।
