Indraprastha Medical Corporation Limited ने FY26 के नतीजों में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **14%** बढ़कर **₹183.62 करोड़** हो गया है और निवेशकों के लिए **₹4** प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया गया है।
मजबूत वित्तीय आंकड़े
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर FY26 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो ऑपरेशन से होने वाली रेवेन्यू ₹1,482.51 करोड़ रही है, जो पिछले साल के मुकाबले 9.3% ज्यादा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹183.62 करोड़ पर पहुंच गया है, जिससे अर्निंग पर शेयर (EPS) ₹20.03 दर्ज की गई है। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 18 सितंबर 2026 तय की गई है।
ग्रोथ ड्राइवर्स
हेल्थकेयर सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी ने अपनी ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाई है। कंपनी का रोबोटिक सर्जरी नेटवर्क अब 42 सिस्टम तक पहुंच गया है, साथ ही Apollo 24/7 जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिल रही है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA ने कंपनी की AA (stable) रेटिंग बरकरार रखी है, जो वित्तीय स्थिरता का संकेत है।
कानूनी जोखिम और चुनौतियां
निवेशकों के लिए एक बड़ा चिंता का विषय मुफ्त इलाज (free treatment) से जुड़ा पेंडिंग PIL मामला है। हालांकि कंपनी दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेशों का पालन कर रही है, लेकिन इसका फाइनल फैसला भविष्य में कंपनी पर असर डाल सकता है।
बोर्ड में बड़ा बदलाव
कंपनी ने अपने बोर्ड का पुनर्गठन किया है, जिसमें सुधीर जालान और हर्ष पति सिंघानिया को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। वहीं, डॉ. मेनका गुरुस्वामी, डॉ. अरुण राय और विनायक चटर्जी ने पद छोड़ दिया है।
आगे क्या?
शेयरधारकों की नजर अब 24 सितंबर 2026 को होने वाली 38वीं AGM (Annual General Meeting) पर टिकी है, जहां कंपनी की भविष्य की स्ट्रैटेजी और मैनेजमेंट के रोडमैप पर चर्चा होगी।
