Hester Biosciences ने अपने तिमाही नतीजों में शानदार स्टैंडअलोन ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू **14%** बढ़ा है, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में **88%** का जोरदार उछाल आया है। पोल्ट्री हेल्थकेयर डिविजन इस ग्रोथ का मुख्य कारण रहा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आई दिक्कतों के चलते कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में **8%** की गिरावट देखी गई।
Hester Biosciences Q1 FY27 के नतीजे
कंपनी ने पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में अपने स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 14% की बढ़ोतरी दर्ज की है। वहीं, स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 88% का जबरदस्त इजाफा हुआ है। स्टैंडअलोन EBITDA में भी 95% की मजबूत ग्रोथ देखी गई है।
क्या है खास?
कंपनी के मैनेजमेंट ने इस बार घरेलू बाजार में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पोल्ट्री हेल्थकेयर डिविजन ने 48% का शानदार ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ दिखाया है। कंपनी के ग्रॉस मार्जिन में 9 प्रतिशत अंकों का सुधार हुआ है, जो अब 78% पर पहुंच गया है। यह बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और कॉस्ट मैनेजमेंट का नतीजा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चुनौती
घरेलू बाजार में शानदार प्रदर्शन के बावजूद, कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 8% की गिरावट आई है। इसके पीछे मुख्य कारण नेपाल और अफ्रीका जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आई दिक्कतें बताई जा रही हैं। कंपनी को एनिमल हेल्थकेयर सेक्टर में सरकारी टेंडर्स पर निर्भरता के कारण भी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
कंपनी का कर्ज और क्षमता
30 जून 2026 तक, Hester Biosciences पर कुल कंसोलिडेटेड कर्ज ₹103 करोड़ था। हालांकि, कंपनी ने अपनी अफ्रीकी सब्सिडियरी में कर्ज को $12 मिलियन से घटाकर $5 मिलियन कर दिया है। गेट्स फाउंडेशन की ओर से माफी मिलने के बाद यह बकाया राशि अब ब्याज-मुक्त हो गई है। कंपनी की विभिन्न मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज, जिनमें नई BSL3 और फिल-एंड-फिनिश प्लांट्स शामिल हैं, की क्षमता का उपयोग लगभग 60-65% हो रहा है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नजरें अब इस बात पर होंगी कि क्या Hester Biosciences अपनी घरेलू ग्रोथ को बनाए रख पाती है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रदर्शन को बेहतर बनाना और उत्पादन क्षमता का प्रभावी ढंग से उपयोग करना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा। सरकारी टीकाकरण कार्यक्रमों के समय पर निर्भरता के कारण रेवेन्यू में उतार-चढ़ाव एक जोखिम बना रह सकता है।
