Health X Platform Ltd ने FY26 के लिए ₹1,283 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, लेकिन कंपनी को ₹1.4 करोड़ का मामूली PAT लॉस हुआ है। कंपनी अपने फाइनेंस डिविजन को अलग कर रही है और FY30 तक ₹6,000 करोड़ का रेवेन्यू लक्ष्य रखा है।
Health X Platform Ltd का FY26 का फाइनेंशियल रिजल्ट और डी-मर्जर की बड़ी खबर
FY26 रेवेन्यू: ₹1,283 करोड़
FY26 PAT लॉस: ₹1.4 करोड़
निवेशकों के लिए खास: रेवेन्यू में बढ़ोतरी अच्छी बात है, लेकिन लगातार हो रहा नुकसान और आने वाला डी-मर्जर (Demerger) ध्यान देने वाली बातें हैं।
क्या हुआ?
Health X Platform Limited, जो पहले Sastasundar Ventures के नाम से जानी जाती थी, ने FY26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹1,283 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया, लेकिन ₹1.4 करोड़ का नेट लॉस आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया। पूरे फाइनेंशियल ईयर में EBITDA लॉस ₹65 करोड़ रहा। वहीं, चौथी तिमाही (Q4 FY26) में रेवेन्यू ₹356 करोड़ था और PAT लॉस ₹12.9 करोड़ रहा।
यह क्यों मायने रखता है?
इतने बड़े रेवेन्यू के बावजूद, कंपनी को नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि, पूरे साल के लिए PAT लेवल पर नुकसान कम हुआ है। कंपनी अपने फाइनेंस डिविजन को Microsec Resources Ltd में डी-मर्ज करने की योजना बना रही है। इसका मकसद हेल्थकेयर बिजनेस को फाइनेंशियल एसेट्स से अलग करके ऑपरेशन्स को सुव्यवस्थित करना और वैल्यू बढ़ाना है। इस कदम से निवेशकों के लिए कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर सरल हो सकता है।
पिछली कहानी
Health X Platform एक बड़े हेल्थकेयर इकोसिस्टम के रूप में उभर रही है। कंपनी अपने B2C Sastasundar App और B2B Retailer Shakti प्लेटफॉर्म पर फोकस कर रही है। हाल ही में JITO नाम की एक नई जेनेटिक मेडिसिन कैटेगरी लॉन्च की गई, जिसने पहले क्वार्टर में ₹0.3 करोड़ का योगदान दिया।
अब क्या बदलेगा?
बोर्ड ने फाइनेंस डिविजन को डी-मर्ज करने के लिए एक स्कीम को मंजूरी दे दी है। डी-मर्जर के बाद, Health X Platform के हर 3 शेयर के बदले निवेशकों को Microsec Resources Ltd का 1 शेयर मिलेगा। कंपनी के पास ग्रोथ के लिए ₹400 करोड़ की ट्रेजरी रहेगी, जबकि ₹100 करोड़ Microsec Resources को मिलेंगे।
जोखिम
कंपनी को लगातार प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर चिंताएं हैं, क्योंकि EBITDA में नुकसान जारी है। मैनेजमेंट AI प्रोडक्ट्स को लॉन्च करने में सावधानी बरत रहा है क्योंकि बाजार अभी इसके लिए तैयार नहीं है। साथ ही, कंपनी अपने हॉस्पिटल बिजनेस में क्रेडिट एक्सपोजर को लेकर भी सतर्क है और फिलहाल कैश-एंड-कैरी ऑपरेशन पर जोर दे रही है।
पीयर कम्पेरिज़न (Peer Comparison)
हालांकि फाइलिंग में किसी खास पीयर (Peer) का जिक्र नहीं है, लेकिन भारत में हेल्थकेयर और ई-कॉमर्स फार्मा सेक्टर में काम करने वाली कंपनियां रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के मामले में तुलना के लिए प्रासंगिक होंगी।
कॉन्टेक्स्ट मेट्रिक्स (समय-आधारित)
Health X Platform का वर्किंग कैपिटल साइकिल 18 दिन का रहा और FY26 के अंत तक कुल कैपिटल एम्प्लॉयड (Capital Employed) ₹74 करोड़ था। कंपनी के पास ₹30 करोड़ का कैश बैलेंस था।
आगे क्या देखें?
निवेशक ₹234 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के एग्जीक्यूशन पर नजर रखेंगे, जो बैंक लोन और ट्रेजरी फंड से होगा। JITO कैटेगरी में प्रगति और FY30 तक ₹6,000 करोड़ के लॉन्ग-टर्म रेवेन्यू लक्ष्य की ओर समग्र ग्रोथ महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
