SMS Lifesciences ने अब Haleos Labs के नाम से नई पारी शुरू कर दी है। कंपनी ने FY26 के लिए **₹1.50** प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया है, साथ ही इसकी सब्सिडियरी Mahi Drugs ने शानदार वापसी करते हुए **₹1.22 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है।
मुनाफे और नतीजों का लेखा-जोखा
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं। हालांकि ऑपरेशनल रेवेन्यू में 9.72% की गिरावट देखी गई और यह ₹300.99 करोड़ पर रहा, लेकिन स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹17.78 करोड़ तक पहुंचने में सफल रहा। कंपनी के लिए सबसे बड़ी राहत इसकी सब्सिडियरी Mahi Drugs से आई है, जो पिछले साल के ₹3.44 करोड़ के घाटे से उबरकर ₹1.22 करोड़ के मुनाफे में आ गई है।
क्यों चर्चा में है यह रीब्रांडिंग?
SMS Lifesciences ने आधिकारिक तौर पर अपना नाम बदलकर Haleos Labs Limited कर लिया है। इस बदलाव के साथ ही कंपनी ने अपने 'Unit-1' फैसिलिटी के लिए USFDA से 'Voluntary Action Indicated' (VAI) स्टेटस मिलने की भी जानकारी दी है।
निवेशकों के लिए चेतावनी और कानूनी पेंच
सब कुछ ठीक नहीं है, कुछ चुनौतियों पर नजर रखना जरूरी है। DRI कोलकाता का ₹10.03 करोड़ का IGST शो-कॉज नोटिस अभी भी पेंडिंग है। हालांकि कंपनी ने तेलंगाना हाई कोर्ट से स्टे ले लिया है, लेकिन कानूनी अनिश्चितता अभी बनी हुई है। इसके अलावा, कंपनी अपनी पुरानी Ranitidine बिजनेस लाइन को धीरे-धीरे बंद कर रही है, जिससे शॉर्ट टर्म में सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या उम्मीद करें?
मैनेजमेंट का पूरा फोकस अब नई ओप्थाल्मिक प्रोडक्ट्स (Ophthalmic Products) जैसे Dorzolamide HCL और Brinzolamide के कमर्शियलाइजेशन पर है। आने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ऑडिटर की नियुक्ति और बोर्ड में बदलाव जैसे अहम फैसले लिए जाएंगे, जो कंपनी की भविष्य की दिशा तय करेंगे।
