Gujarat Themis Biosyn की 45वीं AGM में शेयरधारकों ने प्रमोटर से लोन लेने वाले 'रेजोल्यूशन नंबर 7' को ठुकरा दिया है। हालांकि, प्रिफरेंशियल शेयर इश्यू समेत अन्य 8 प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है, जो निवेशकों की कंपनी के प्रति स्पष्ट रुख को दर्शाता है।
AGM के नतीजे और वोटिंग का गणित
कंपनी की 45वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को संपन्न हुई। कंपनी ने कुल 9 प्रस्तावों पर वोटिंग करवाई थी। इस दौरान 'रेजोल्यूशन नंबर 7' (प्रमोटर से लोन और गारंटी लेने का प्रस्ताव) को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कुल 1,26,33,908 वोट इसके खिलाफ पड़े, जो कि कुल वोटिंग का 59.86% हिस्सा है।
क्यों अहम है यह फैसला?
कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिहाज से यह एक बड़ा घटनाक्रम है। प्रमोटर से जुड़ी फंडिंग को ठुकराकर शेयरधारकों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वे प्रमोटर-लेड फाइनेंसिंग और संभावित 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' (हितों के टकराव) को लेकर सतर्क हैं। निवेशक अब कंपनी की स्वायत्तता और साफ-सुथरी फंडिंग पर जोर दे रहे हैं।
आगे की राह
भले ही प्रमोटर लोन को झटका लगा हो, लेकिन शेयरधारकों ने प्रिफरेंशियल शेयर इश्यू (रेजोल्यूशन 8) को मंजूरी देकर कंपनी के विस्तार की योजनाओं पर मुहर लगा दी है। इसके अलावा डिविडेंड और डायरेक्टरों की नियुक्ति जैसे सामान्य प्रस्ताव भी पास हो गए हैं। अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी अपनी फंडिंग की जरूरतें पूरी करने के लिए कोई नया रास्ता अपनाती है या नहीं।
