Granules India ने Q2 में अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी का मुनाफा **39%** की उछाल के साथ **₹1,818 करोड़** पहुंच गया है, हालांकि Gagillapur प्लांट को लेकर US FDA की **11** टिप्पणियां निवेशकों के रडार पर हैं।
मुनाफे में रिकॉर्ड उछाल और मजबूत बैलेंस शीट
Granules India ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने अब तक का अपना सबसे अधिक ₹15,600 करोड़ का तिमाही रेवेन्यू हासिल किया है, जो सालाना आधार पर 20% की बढ़त है। नेट प्रॉफिट भी 39% बढ़कर ₹1,818 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। सबसे बड़ी राहत की बात कंपनी की बैलेंस शीट में आया बदलाव है; कंपनी ₹1,012 करोड़ के कर्ज से निकलकर अब ₹8,280 करोड़ की नेट कैश पोजीशन में आ गई है।
Gagillapur प्लांट और FDA का पेंच
ऑक्टोबर 2026 में US FDA ने Gagillapur फैसिलिटी का निरीक्षण किया था, जिसके बाद 11 ऑब्जर्वेशन जारी किए गए। मैनेजमेंट ने निवेशकों को आश्वस्त किया है कि ये टिप्पणियां प्रोसेस डॉक्यूमेंटेशन से जुड़ी हैं, न कि डेटा इंटीग्रिटी या क्रॉस-कंटैमिनेशन से। कंपनी का उत्पादन और वितरण सामान्य है और वे 15 कार्य दिवसों के भीतर अपना जवाब फाइल करेंगे।
भविष्य की योजनाएं और Capex
कंपनी ने अगले 3-4 सालों के लिए ₹2,000 करोड़ के बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) का ऐलान किया है। यह फंड मुख्य रूप से ज्यूरिख और भारत में पेप्टाइड CDMO वर्टिकल को बढ़ाने, अमेरिकी डिस्ट्रीब्यूशन को अपग्रेड करने और ऑन्कोलॉजी प्रोडक्ट्स की API क्षमता बढ़ाने पर खर्च होगा।
जोखिम और अगली राह
मजबूत ग्रोथ के बावजूद, ग्रॉस मार्जिन 134 बेसिस पॉइंट्स घटकर 64.4% पर आ गया है। इसके पीछे वेस्ट एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और लॉजिस्टिक्स की लागत का बड़ा हाथ है। अब निवेशकों की नजर आने वाली तिमाहियों में मार्जिन स्थिरता और कंपनी के 5 नए प्रोडक्ट लॉन्चेज पर रहेगी। साथ ही, Swiss Medic से मिली मंजूरी के बाद पेप्टाइड CDMO बिजनेस (Senn Tides) की परफॉर्मेंस पर भी नजर रखना जरूरी होगा।
