Granules India: 'Granules 2.0' का आगाज, ₹2,000 करोड़ के बड़े निवेश का ऐलान

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AuthorAditya Rao|Published at:
Granules India: 'Granules 2.0' का आगाज, ₹2,000 करोड़ के बड़े निवेश का ऐलान

Granules India ने अपनी नई ग्रोथ रणनीति 'Granules 2.0' पेश की है। कंपनी अब वॉल्यूम-आधारित जेनेरिक्स से हटकर ऑन्कोलॉजी और पेप्टाइड CDMO जैसे हाई-वैल्यू सेगमेंट पर फोकस करेगी। इस बड़े बदलाव के लिए कंपनी अगले 4 वर्षों में **₹2,000 करोड़** का बड़ा केपेक्स (Capex) करने जा रही है।

नई रणनीति के 4 प्रमुख स्तंभ

कंपनी ने अपने कारोबार को बदलने के लिए चार मुख्य एरिया चुने हैं: कंट्रोल्ड सब्सटेंस, कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स, ऑन्कोलॉजी, और पेप्टाइड CDMO सर्विस। यह बदलाव कंपनी को जेनेरिक दवाओं के वॉल्यूम गेम से निकालकर उन उत्पादों की ओर ले जाएगा जिनमें तकनीकी जटिलता अधिक है और प्रतिस्पर्धा कम है। पिछले 4 वर्षों में कंपनी के ग्रॉस मार्जिन में 15% का उछाल आया है और यह अब 65% के स्तर पर है।

पेप्टाइड CDMO पर बड़ा दांव

कंपनी की नई ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन 'पेप्टाइड CDMO' है। कंपनी का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में इस सेगमेंट से $100 मिलियन सालाना रेवेन्यू हासिल करना है। स्विट्जरलैंड की कंपनी Senn Chemicals के अधिग्रहण से कंपनी को तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग का एक बेहतरीन मेल मिला है। इसके अलावा, कंपनी US मार्केट में भी अपनी पैठ लगातार मजबूत कर रही है, जहां वह कंट्रोल्ड सब्सटेंस बनाने वाली तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। Adderall XR में कंपनी की मार्केट हिस्सेदारी बढ़कर 29% हो गई है।

निवेशकों के लिए जोखिम और अवसर

निवेशकों को इस बड़े निवेश के एग्जीक्यूशन पर नजर रखनी होगी। कंपनी का पूरा ध्यान अब USFDA के गग्गीलापुर (Gaggilapur) प्लांट के दोबारा इंस्पेक्शन और वहां के रेमेडिएशन प्रोसेस को पूरा करने पर है। कंपनी की नेट कैश स्थिति काफी मजबूत है, लेकिन बड़ा केपेक्स करने के बाद डेप्रिसिएशन का असर नतीजों पर न दिखे, यह सुनिश्चित करना मैनेजमेंट के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.