GlaxoSmithKline Pharmaceuticals ने FY27 की दूसरी तिमाही के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹335.88 करोड़** हो गया है, जबकि रेवेन्यू भी उछलकर **₹1,183.57 करोड़** पर पहुंच गया है।
फाइनेंशियल नतीजों की झलक
कंपनी ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले, इस बार कंपनी की टॉप-लाइन ग्रोथ काफी मजबूत रही है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹979.94 करोड़ से बढ़कर ₹1,183.57 करोड़ हो गया है। इसी तरह, नेट प्रॉफिट भी ₹257.49 करोड़ से उछलकर ₹335.88 करोड़ दर्ज किया गया है।
गवर्नेंस में बड़े बदलाव
नतीजों के साथ-साथ कंपनी ने मैनेजमेंट और गवर्नेंस में भी अहम फैसले लिए हैं। संदीप सेठ को Head of Ethics & Compliance नियुक्त किया गया है, जो 3 नवंबर 2026 से प्रभावी है। वे अपने साथ 20 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव लेकर आए हैं।
इसके अलावा, कंपनी ने FY 2027-28 से 5 वर्षों के लिए Walker Chandiok & Co LLP को नया वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditor) नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया है। यह नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगी।
छमाही का प्रदर्शन (H1 FY27)
कंपनी की पहली छमाही यानी H1 FY27 के आंकड़े भी खासे उत्साहजनक रहे हैं। कुल रेवेन्यू ₹2,122.01 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹1,785.11 करोड़ था। वहीं, छमाही का नेट प्रॉफिट ₹573.06 करोड़ रहा है, जबकि पिछले साल यह ₹462.50 करोड़ था।
आगे की राह
निवेशकों को अब कंपनी के नए अनुपालन नेतृत्व के कामकाज और ऑडिटर नियुक्ति पर शेयरधारकों की वोटिंग प्रक्रिया पर नजर रखनी चाहिए। आने वाली तिमाहियों में रेवेन्यू की यही रफ्तार कंपनी के वैल्यूएशन को बनाए रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण पैरामीटर होगी।
