Gennex Laboratories: **25%** उछला रेवेन्यू, लेकिन गवर्नेंस और पेनल्टी ने बढ़ाई चिंता

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AuthorMehul Desai|Published at:
Gennex Laboratories: **25%** उछला रेवेन्यू, लेकिन गवर्नेंस और पेनल्टी ने बढ़ाई चिंता

Gennex Laboratories ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं, जहां रेवेन्यू में **25%** की बढ़त देखी गई है। हालांकि, ऑडिटर्स की आपत्तियों और BSE द्वारा लगाई गई भारी पेनल्टी ने निवेशकों के बीच चिंता पैदा कर दी है।

मजबूत ग्रोथ के बीच चुनौतियां

कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना रेवेन्यू ₹172.74 करोड़ तक पहुँचा दिया है। वहीं, नेट प्रॉफिट में भी 15.8% की बढ़त दर्ज की गई है, जो अब ₹20.98 करोड़ हो गया है। प्रमोटरों ने 1.55 करोड़ वारंट्स को इक्विटी शेयर्स में बदलकर कंपनी में ₹17.14 करोड़ का निवेश किया है।

ऑडिटर्स के सवाल और इंटरनल कंट्रोल

नतीजों के साथ ही इंडिपेंडेंट ऑडिटर ने कुछ फाइनेंशियल बैलेंसेस को लेकर 'क्वालिफिकेशन' जारी की है, क्योंकि इनका कोई बाहरी कन्फर्मेशन उपलब्ध नहीं है। इसे सुधारने के लिए कंपनी अब 'ट्रांजैक्शन ट्रेसेबिलिटी सॉफ्टवेयर' लागू कर रही है ताकि इंटरनल कंट्रोल्स मजबूत हो सकें।

रेगुलेटरी और कानूनी पेंच

कंपनी के लिए एक बड़ी मुश्किल BSE से जुड़ी है। शेयर जारी करने में देरी के कारण एक्सचेंज ने कंपनी पर ₹53.8 लाख की पेनल्टी लगाई है। हालांकि, कंपनी ने इस जुर्माने को माफ करने के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा, कंपनी 2001-02 से लेकर 2019-20 तक के पुराने टैक्स विवादों से भी जूझ रही है।

बोर्ड में बदलाव

बोर्ड लेवल पर भी बदलाव हुए हैं। Ms. शिल्पा बंग के इस्तीफा देने के बाद, Ms. खुशबू काछावा को अब इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।

निवेशकों को अब नए अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर के क्रियान्वयन और BSE पेनल्टी माफी के स्टेटस पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि कंपनी के कैश फ्लो पर इनका सीधा असर पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.