GPT Healthcare ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में **16.08%** का शानदार इजाफा हुआ और यह **₹472.55 करोड़** तक पहुंच गया। हालांकि, विस्तार योजनाओं और नई सुविधाओं पर हुए खर्च के चलते कंपनी का नेट प्रॉफिट **15.42%** घटकर **₹42.22 करोड़** रह गया।
रेवेन्यू में बंपर ग्रोथ, प्रॉफिट पर पड़ा असर
GPT Healthcare के लिए पिछला वित्त वर्ष 2025-26 रेवेन्यू के लिहाज से काफी अच्छा रहा। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू पिछले साल के ₹407.09 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹472.55 करोड़ हो गया, जो 16.08% की ग्रोथ दर्शाता है।
लेकिन, इस ग्रोथ के बावजूद, कंपनी के नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 15.42% की गिरावट आई। यह ₹49.92 करोड़ से घटकर ₹42.22 करोड़ पर आ गया। इसी तरह, अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी 15.30% गिरकर ₹5.15 रहा, जो पिछले साल ₹6.08 था। EBITDA में भी मामूली 1.87% की गिरावट देखी गई और यह ₹90.13 करोड़ रहा।
विस्तार की लागतें बनीं बड़ी वजह
कंपनी के नतीजों में रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी है, लेकिन प्रॉफिट में गिरावट का मुख्य कारण विस्तार की योजनाएं और नई सुविधाओं पर किया गया भारी निवेश है। मैनेजमेंट का कहना है कि नई रायपुर सुविधा के चालू होने के शुरुआती दौर में कुछ नुकसान होना स्वाभाविक है। इस नई सुविधा के पहले चरण में ₹13.8 करोड़ का EBITDA लॉस दर्ज किया गया है।
आगे क्या?
GPT Healthcare अब अपनी नई सुविधाओं को प्रॉफिटेबल बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी को उम्मीद है कि रायपुर की सुविधा अगले 6 से 8 महीनों में EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल कर लेगी। कंपनी का लक्ष्य अपने अस्पतालों के नेटवर्क को बढ़ाकर 1,000 बेड्स तक ले जाना है। फिलहाल, कंपनी के पास 5 अस्पताल हैं जिनमें कुल 719 बेड्स हैं।
निवेशकों के लिए अहम बातें
निवेशकों को अब रायपुर सुविधा के ब्रेक-ईवन की ओर बढ़ने और जमशेदपुर में नई 155-बेड वाली सुविधा के विकास पर नजर रखनी चाहिए। कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी भविष्य में बेड ऑक्यूपेंसी रेट को बढ़ाने और विस्तार की लागतों को प्रभावी ढंग से मैनेज करने पर निर्भर करेगी।
