Fortis Healthcare ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) दाखिल की है। कंपनी ने साफ किया है कि फिलहाल इसका कोई सीधा फाइनेंशियल असर नहीं है, लेकिन कानूनी घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट का रुख
Fortis Healthcare ने 16 सितंबर, 2026 को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कंपनी ने 31 अगस्त, 2026 को आए दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जो Daiichi Sankyo Company Limited बनाम मालविंदर मोहन सिंह और अन्य के मामले से जुड़ा था।
कानूनी पेंच क्या है?
यह मामला एक पुरानी कानूनी लड़ाई का हिस्सा है। कंपनी ने अपनी याचिका में 3 मुख्य आवेदनों का जिक्र किया है, जो हाई कोर्ट के अगस्त के आदेश से संबंधित हैं। हालांकि, कंपनी का स्पष्ट कहना है कि इस याचिका का वर्तमान में कोई सीधा फाइनेंशियल असर या क्लेम क्वांटम लागू नहीं होता है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
अभी यह मामला कोर्ट की प्रक्रिया का हिस्सा है। आने वाले समय में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और वहां से मिलने वाले निर्देश ही कंपनी की अगली दिशा तय करेंगे। शेयरधारकों को सलाह है कि वे कोर्ट की अगली सुनवाइयों और कंपनी द्वारा दी जाने वाली जानकारियों पर बारीकी से नजर रखें। फिलहाल, यह एक प्रोसीजरल कदम है और कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति पर कोई तत्काल प्रभाव नहीं पड़ता है।
