Fortis Healthcare ने FY25-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में **17.28%** का इजाफा हुआ है, वहीं प्रॉफिट **31.48%** बढ़कर **₹1,064 करोड़** रहा। बोर्ड ने डिविडेंड की सिफारिश भी की है और अधिग्रहणों के जरिए विस्तार किया है।
Fortis Healthcare का शानदार वित्तीय प्रदर्शन: विस्तार के बीच मजबूत नतीजे
Fortis Healthcare ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने शानदार वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी के ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹9,127.84 करोड़ रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹7,782.75 करोड़ की तुलना में 17.28% ज्यादा है।
इस साल कंपनी का मुनाफा 31.48% बढ़कर ₹1,064.19 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹809.38 करोड़ था। कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹10.26 से बढ़कर ₹13.80 हो गई है।
बोर्ड ने की डिविडेंड की सिफारिश
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रति इक्विटी शेयर ₹1.00 के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा। यह सिफारिश कंपनी के मजबूत कैश फ्लो और भविष्य के प्रति विश्वास को दर्शाती है।
रणनीतिक विस्तार और अधिग्रहण
Fortis Healthcare अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी के तहत विस्तार कर रही है। कंपनी ने हाल ही में बेंगलुरु स्थित TMI Healthcare Private Limited (People Tree Hospital) और जालंधर के Shrimann Superspecialty Hospital के बिजनेस का अधिग्रहण किया है। इसके अलावा, कंपनी के डायग्नोस्टिक बिजनेस को 'Agilus' के तौर पर रीब्रांड किया गया है।
रेगुलेटरी जांच का साया
हालांकि, कंपनी पर पुराने प्रमोटरों के समय के लेन-देन से जुड़ी जांचों का रेगुलेटरी दबाव बना हुआ है। SFIO और EOW जैसी एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं। मैनेजमेंट का मानना है कि इसका वित्तीय प्रभाव कम रहने की संभावना है, लेकिन किसी भी प्रतिकूल स्थिति का कंपनी के वैल्यूएशन और ऑपरेशंस पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या?
निवेशकों को SFIO और EOW जांचों पर आने वाले अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, अधिग्रहित अस्पतालों के इंटीग्रेशन और 'Agilus' डायग्नोस्टिक ब्रांड के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी।
