Evoq Remedies लिमिटेड: FY26 में घाटा बढ़ा, ऑडिटर ने उठाए गंभीर सवाल
Evoq Remedies ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹0.251 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹0.13 करोड़ का मुनाफा हुआ था, जिसके मुकाबले यह एक बड़ा बदलाव है। कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू में 117% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह ₹25.51 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल के ₹11.76 करोड़ से काफी ज्यादा है।
क्यों अहम है ये खबर?
नेट लॉस और ऑडिटर की क्वालिफाइड ओपिनियन कंपनी की वित्तीय सेहत पर सवाल खड़े कर रही है। ऑडिटर की रिपोर्ट में रिलेटेड पार्टी को बिना मंजूरी के दिए गए लोन (₹6.70 करोड़) और ट्रेड रिसीवेबल्स व सप्लायर एडवांसेज (₹3.85 करोड़ और ₹12.51 करोड़)
जैसे कन्फर्म न हुए बैलेन्स का जिक्र है। सबसे गंभीर बात यह है कि ऑडिटर ने कंपनी की गोइंग कन्सर्न (यानी लगातार चलते रहने की क्षमता) पर मटेरियल अनिश्चितता जताई है, जो कंपनी की वित्तीय अस्थिरता की ओर इशारा करता है।
पुरानी कहानी
FY 2024-25 में, Evoq Remedies ने ₹0.13 करोड़ का मामूली मुनाफा कमाया था। FY 2025-26 में कंपनी की नेट वर्थ में 0.54% की मामूली कमी आई और यह ₹44.30 करोड़ रही। कंपनी SEBI की जांच के दायरे में भी है, जिसमें फाइनेंशियल स्टेटमेंट की सत्यता और प्रिफेंशियल इश्यू से जुटाई गई रकम के इस्तेमाल की जांच की जा रही है।
अब क्या बदलेगा?
निवेशकों के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है। क्वालिफाइड ऑडिट रिपोर्ट और SEBI की जांच के चलते निवेशकों को कंपनी के अनुपालन, वित्तीय प्रबंधन और आगे की रणनीति पर कड़ी नजर रखनी होगी। कंपनी की ऑडिटर की चिंताओं को दूर करने और रेगुलेटरी जांचों से निपटने की क्षमता उसके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगी।
जोखिम?
मुख्य जोखिमों में कन्फर्म न हुए रिसीवेबल्स और एडवांसेज का राइट-ऑफ होना, SEBI की जांच का असर और कंपनी की वैधानिक देनदारियों को पूरा करने की क्षमता शामिल है। कंपनी पर इनकम टैक्स (₹1.88 करोड़) और GST (₹6.55 करोड़) का भी बकाया है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को SEBI जांच के नतीजों, बैलेन्स को ठीक करने और वैधानिक बकाया चुकाने में कंपनी की प्रगति पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
