पूर्व में Novartis India के नाम से जानी जाने वाली कंपनी Evonile Pharma के लिए सितंबर तिमाही बेहद चुनौतीपूर्ण रही। कंपनी ने ₹775.4 मिलियन का भारी-भरकम नेट लॉस दर्ज किया है, जिसकी मुख्य वजह ₹682.6 मिलियन का एक्सेप्शनल चार्ज है।
मुनाफे से नुकसान तक का सफर
कंपनी के नतीजों में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। जहां पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹242.2 मिलियन का मुनाफा हुआ था, वहीं इस बार इसे ₹775.4 मिलियन का नेट लॉस झेलना पड़ा है। कंपनी का रेवेन्यू भी गिरकर ₹560.5 मिलियन पर आ गया है, जो पिछले साल ₹903.3 मिलियन था।
क्यों हुआ इतना बड़ा लॉस?
नुकसान की मुख्य वजह स्ट्रक्चरल ट्रांजिशन के दौरान लगे झटके हैं। कंपनी पर ₹682.6 मिलियन के एक्सेप्शनल चार्जेस लगे हैं, जिसमें इन्वेंट्री परचेज एग्रीमेंट खत्म होने की वजह से ₹610 मिलियन का खर्च और इम्पोर्ट लाइसेंस के राइट-ऑफ के रूप में ₹72.6 मिलियन शामिल हैं।
ओनरशिप में बदलाव और रीब्रांडिंग
जुलाई 2026 में Waerise Investments Limited, ChrysCapital Fund X और Two Infinity Partners द्वारा कंपनी के अधिग्रहण के बाद से यह बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। इसी के चलते 1 अक्टूबर 2026 को कंपनी ने अपना नाम बदलकर Novartis India से Evonile Pharma कर लिया है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
फिलहाल कंपनी के सिर पर ₹800 मिलियन का कर्ज है। सबसे बड़ी चुनौती नए रेवेन्यू सोर्सेज को ढूंढना है, क्योंकि एक मुख्य कस्टमर के साथ एग्रीमेंट टूटने का असर दवाओं की बिक्री पर साफ दिख रहा है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नई मैनेजमेंट टीम कितनी जल्दी कंपनी की ऑपरेटिंग मार्जिन को स्टेबल कर पाती है।
