Evonile Pharma: बिजनेस मॉडल बदलने के चक्कर में रेवेन्यू गिरा, Q2 में दिखा बड़ा घाटा

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AuthorNeha Patil|Published at:
Evonile Pharma: बिजनेस मॉडल बदलने के चक्कर में रेवेन्यू गिरा, Q2 में दिखा बड़ा घाटा

Evonile Pharma का Q2 FY27 रेवेन्यू घटकर **₹56 करोड़** रह गया है। कंपनी अब अपने सिंगल-कस्टमर मॉडल को छोड़कर इंडिपेंडेंट होने की कोशिश कर रही है, जिसके चलते **₹83 करोड़** का एकमुश्त ट्रांजिशन खर्च उठाना पड़ा है।

मुनाफे पर क्यों पड़ा असर?

कंपनी अपने बिजनेस स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदल रही है, जिसका सीधा असर आंकड़ों पर दिख रहा है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹90 करोड़ था, जो अब घटकर ₹56 करोड़ रह गया है। इसके अलावा, कंपनी को ₹16 करोड़ का एडजेस्टेड ऑपरेटिंग EBITDA लॉस हुआ है। नतीजों पर सबसे ज्यादा दबाव ₹83 करोड़ के एकमुश्त ट्रांजिशन खर्च का है, जिसमें ₹68 करोड़ पुराने कस्टमर एग्रीमेंट खत्म करने और ₹15 करोड़ नई एक्विजिशन लागत शामिल है।

नई रणनीति और विस्तार

कंपनी अब अपनी अलग पहचान बनाने के लिए आक्रामक कदम उठा रही है:

  • Pfizer से डील: कंपनी ने Pfizer का मशहूर कार्डियोलॉजी ब्रांड 'Minipress XL' खरीद लिया है, जिसका मार्केट में 50% हिस्सा है।
  • फार्मा डिस्ट्रीब्यूशन: रेटिना पोर्टफोलियो की दवाओं 'Accentrix' और 'Pagenax' के अधिकार हासिल किए हैं।
  • फील्ड फोर्स: देशभर में सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए 20 CFAs को जोड़ा है और 900 मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स की टीम तैयार की जा रही है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

निवेशकों को कंपनी के रिकवरी प्लान पर नजर रखनी चाहिए। अगले Q3 में भी ₹15 करोड़ से ₹20 करोड़ तक का ट्रांजिशन खर्च हो सकता है। कंपनी को उम्मीद है कि Q4 FY27 या Q1 FY28 तक ऑपरेशनल ब्रेक-ईवन आ जाएगा। साथ ही, 31 मार्च 2027 तक संभावित 'राइट्स इश्यू' के जरिए कर्ज कम करने की योजना पर भी ध्यान देना जरूरी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.