Eris Lifesciences ने अपनी FY26 की बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी और सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कंपनी के ग्रीन एनर्जी और सेफ्टी सुधारों पर फोकस है। हालांकि, NSE और BSE ने बोर्ड कंपोजिशन नियमों के उल्लंघन के लिए कंपनी पर **₹5.015 लाख** का जुर्माना लगाया है, जिसके खिलाफ कंपनी अपील कर रही है।
सस्टेनेबिलिटी और फाइनेंशियल हेल्थ
कंपनी ने अपनी हालिया रिपोर्ट में ऑपरेशनल सेफ्टी और एनर्जी ट्रांजिशन में बड़ी प्रगति दिखाई है। कंपनी का टर्नओवर ₹1,779.77 करोड़ रहा, जबकि नेट वर्थ ₹3,195.46 करोड़ दर्ज की गई है। कंपनी ने जीवाश्म ईंधन (fossil fuels) से हटकर बायोमास पेलेट्स (biomass pellets) का उपयोग शुरू किया है, जो इसकी लॉन्ग-टर्म एफिशिएंसी के लिए एक बड़ा कदम है।
रेगुलेटरी पेंच और जुर्माना
ESG लक्ष्यों के साथ-साथ कंपनी को एक रेगुलेटरी चुनौती का भी सामना करना पड़ा है। SEBI LODR रेगुलेशन 17(1) के तहत बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के कंपोजिशन को लेकर चूक के कारण NSE और BSE ने कंपनी पर ₹5.015 लाख का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने साफ किया है कि वह इन पेनल्टीज को चुनौती दे रही है और अपील प्रक्रिया जारी है।
आगे क्या देखें?
- अपील का परिणाम: निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि रेगुलेटरी अपील का नतीजा क्या निकलता है।
- ESG कमिटमेंट: कंपनी 3,012 कर्मचारियों के साथ काम कर रही है और WHO-GMP व ISO 9001:2015 मानकों का पालन कर रही है। आने वाले समय में बायोमास फ्यूल की ओर बढ़ते कदम कंपनी के भविष्य की दिशा तय करेंगे।
