Dr. Reddy’s Laboratories के लिए राहत की खबर है। USFDA ने कंपनी की श्रीकाकुलम स्थित FTO-SEZ प्रोसेस यूनिट-02 को 'Voluntary Action Indicated' (VAI) का दर्जा दिया है, जिससे रेगुलेटरी अनिश्चितता खत्म हो गई है।
इंस्पेक्शन का हुआ सुखद अंत
फार्मा सेक्टर में रेगुलेटरी अपडेट्स पर सबकी नजर होती है। डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में स्थित उनकी FTO-SEZ प्रोसेस यूनिट-02 का इंस्पेक्शन अब पूरा हो चुका है। अमेरिकी रेगुलेटर USFDA ने इस फैसिलिटी को 'Voluntary Action Indicated' (VAI) क्लासिफिकेशन में रखा है।
निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?
फार्मा कंपनियों के लिए VAI का मतलब है कि रेगुलेटर ने इंस्पेक्शन के दौरान कुछ मामूली कमियां तो पाईं, लेकिन उन्हें गंभीर नहीं माना गया। इसका सीधा मतलब है कि कंपनी पर कोई सख्त प्रतिबंध नहीं लगाया गया है और वह अपनी मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया को अपनी ओर से सुधारते हुए जारी रख सकती है।
आगे की राह
कंपनी ने 29 जुलाई, 2026 को ही BSE को इंस्पेक्शन शुरू होने की जानकारी दी थी। चूंकि श्रीकाकुलम यूनिट कंपनी के एक्सपोर्ट बिजनेस का एक अहम हिस्सा है, इसलिए इंस्पेक्शन का क्लोज होना कंपनी के लिए बड़ी राहत है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कैसे यह यूनिट भविष्य में पेंडिंग प्रॉडक्ट अप्रूवल्स के लिए स्मूथ कामकाज जारी रखती है।
