Dr. Reddy’s Laboratories का Q2FY27 में मुनाफा **36%** घटकर **₹9,250 मिलियन** रह गया है। उत्तरी अमेरिका में 'लेनालिडोमाइड' (lenalidomide) दवा की गिरती बिक्री ने मुनाफे पर चोट की है, हालांकि भारत और उभरते बाजारों (Emerging Markets) में मजबूत ग्रोथ ने इसे काफी हद तक सहारा दिया है।
मुनाफे में गिरावट की वजह
सितंबर तिमाही में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹86,708 मिलियन रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 1.5% कम है। सबसे बड़ा झटका नॉर्थ अमेरिका के बिजनेस से लगा, जहां रेवेन्यू में 23% की गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह 'लेनालिडोमाइड' दवा की बिक्री में आई कमी है।
राहत की बात: भारत और उभरते बाजार
मुश्किल समय में कंपनी के भारत और ग्लोबल बिजनेस ने मजबूती दिखाई है। भारतीय बाजार में कंपनी ने 17% की ग्रोथ दर्ज की है, जिसके पीछे नए प्रोडक्ट्स और कीमतों में बढ़ोतरी बड़ी वजह रही। वहीं, इमर्जिंग मार्केट्स में कंपनी ने 24% का शानदार उछाल हासिल किया है। कंपनी की बैलेंस शीट अभी भी मजबूत है, जिसके पास ₹25 बिलियन का नेट कैश सरप्लस है।
नई पार्टनरशिप और विस्तार
कंपनी ने ग्रोथ के लिए कुछ बड़े हाथ मिलाए हैं:
- Takeda के साथ मिलकर भारत में डेंगू वैक्सीन QDENGA को लाने का करार।
- Gilead Sciences के साथ मिलकर HIV की दवा lenacapavir के डिस्ट्रीब्यूशन पर काम।
रिस्क फैक्टर: रेगुलेटरी स्क्रूटनी
निवेशकों को कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स पर चल रही रेगुलेटरी सख्ती पर नजर रखनी चाहिए। हाल ही में कंपनी को Srikakulam (FTO-SEZ) और Bachupally फैसिलिटीज में Form 483 ऑब्जर्वेशन मिले हैं। इसके अलावा, ओनरशिप बदलने के कारण Novartis India के साथ डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट भी खत्म हो गया है, जो आने वाले समय में ध्यान रखने वाली बात है।
