Dr. Reddy’s Laboratories ने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **36%** गिरकर **₹9,250 मिलियन** रह गया है, जिसका मुख्य कारण उत्तरी अमेरिका में लेलिडोमाइड (lenalidomide) की कम बिक्री है।
मुनाफे में गिरावट की वजह
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹9,250 मिलियन रहा है। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹86,708 मिलियन दर्ज किया गया, जिसमें सालाना आधार पर 1.5% की मामूली गिरावट देखी गई है। कंपनी का EBITDA ₹17,828 मिलियन रहा और EBITDA मार्जिन 20.6% दर्ज किया गया है।
बिजनेस की स्थिति
मुनाफे में कमी के बावजूद, कंपनी का 'बेस बिजनेस' डबल डिजिट की ग्रोथ दिखा रहा है। भारत, इमर्जिंग मार्केट्स और कंज्यूमर हेल्थ पोर्टफोलियो जैसे ब्रांडेड बिजनेस अब कुल रेवेन्यू का 53% हिस्सा संभाल रहे हैं, जो यूएस जेनेरिक बिक्री में आने वाले उतार-चढ़ाव के खिलाफ एक मजबूत सपोर्ट का काम कर रहे हैं।
मैनेजमेंट में बदलाव
बोर्ड ने अखिल रवि को 'Head of API and Services' नियुक्त किया है। वे 13 नवंबर 2026 से अपना पद संभालेंगे और साथ ही कंपनी की सब्सिडियरी Aurigene Pharmaceutical Services Ltd का नेतृत्व भी जारी रखेंगे। यह निर्णय इसलिए अहम है क्योंकि इस CDMO आर्म का रेवेन्यू हाल ही में $100 मिलियन के आंकड़े को पार कर चुका है।
निवेशकों के लिए रिस्क और आगे का रास्ता
कंपनी के सामने कुछ नियामक चुनौतियां भी हैं। कंपनी की FTO-SEZ यूनिट-02 और FTO-3 Bachupally फैसिलिटीज को USFDA से फॉर्म 483 रिपोर्ट मिली है। इसके अलावा, Novartis India के साथ डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट का खत्म होना भी एक बड़ा ट्रांजिशन पॉइंट है। निवेशकों को आने वाले समय में USFDA की आपत्तियों के समाधान और Gilead Sciences के साथ पार्टनरशिप व QDENGA वैक्सीन के प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए।
