Dr Reddy's FY26 ESG रिपोर्ट: ₹20,102 करोड़ का टर्नओवर, 2045 तक नेट-जीरो का लक्ष्य

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AuthorMehul Desai|Published at:
Dr Reddy's FY26 ESG रिपोर्ट: ₹20,102 करोड़ का टर्नओवर, 2045 तक नेट-जीरो का लक्ष्य

Dr Reddy's Laboratories ने FY26 के लिए ₹20,102 करोड़ का स्टैंडअलोन टर्नओवर दर्ज किया है। कंपनी ने एनवायरमेंटल, सोशल और गवर्नेंस (ESG) के मोर्चे पर भी बड़ी प्रगति की है। कंपनी ने बायोमास/नेचुरल गैस में फ्यूल ट्रांजिशन पूरा कर लिया है और वॉटर पॉजिटिविटी हासिल की है। साल 2045 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।

Dr Reddy's Laboratories FY2026 ESG रिपोर्ट

Dr Reddy's Laboratories ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹20,102 करोड़ का स्टैंडअलोन टर्नओवर घोषित किया है। कंपनी ने अपने एनवायरमेंटल, सोशल और गवर्नेंस (ESG) पहलों में महत्वपूर्ण प्रगति को भी उजागर किया है।

निवेशकों के लिए खास: मजबूत ESG इंटीग्रेशन और ऑपरेशनल स्ट्रेटेजी के साथ, कंपनी कार्बन न्यूट्रैलिटी और 'फर्स्ट-टू-मार्केट' प्रोडक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

क्या हुआ?

Dr Reddy's Laboratories ने FY2026 के लिए अपनी बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग (BRSR) जारी की है। मुख्य बातों में ₹20,102 करोड़ का स्टैंडअलोन टर्नओवर शामिल है, जिसमें से ₹6,416 करोड़ भारत से और ₹13,686 करोड़ अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आए हैं। कंपनी ने अपने विनिर्माण संयंत्रों में प्राथमिक ईंधन स्रोतों के लिए बायोमास, ब्रिकेट्स या नेचुरल गैस में महत्वपूर्ण बदलाव पूरा कर लिया है, और कोयले का पूरी तरह से उपयोग बंद कर दिया है।

यह क्यों मायने रखता है?

यह रिपोर्ट Dr. Reddy's के ESG सिद्धांतों को अपने मुख्य व्यवसाय में एकीकृत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सफल फ्यूल ट्रांजिशन और जल प्रबंधन पहलों (16 साइटों पर जीरो लिक्विड डिस्चार्ज, FY2023 से वॉटर पॉजिटिविटी) से ऑपरेशनल जोखिम कम होते हैं और दीर्घकालिक स्थिरता बढ़ती है। FY2045 तक नेट-जीरो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की स्पष्ट योजना एक दूरदर्शी दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, जो स्थायी व्यवसायों को प्राथमिकता देने वाले निवेशकों को आकर्षित करेगी।

पृष्ठभूमि

Dr. Reddy's Laboratories लगातार अपने सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों पर काम कर रही है। BRSR रिपोर्ट फ्यूल ट्रांजिशन और जल प्रबंधन में कई वर्षों के प्रयासों का संकेत देती है। कंपनी ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं, जिसमें FY 2030 तक स्कोप 1 और 2 उत्सर्जन में 80% की पूर्ण कमी (FY 2023 के स्तर से) शामिल है।

अब क्या बदलेगा?

रिपोर्ट में कोयले के पूर्ण उन्मूलन जैसे ऑपरेशनल बदलावों की पुष्टि की गई है। यह 'फर्स्ट-टू-मार्केट' उत्पाद लॉन्च के लिए नवाचार पर कंपनी के रणनीतिक फोकस को भी मजबूत करता है, जिसमें FY2026 में प्राथमिकता वाले बाजारों में 43% नए लॉन्च इस श्रेणी में आए। सामर्थ्य और नवाचार के माध्यम से 2030 तक 1.5 बिलियन रोगियों की सेवा करने की प्रतिबद्धता एक प्रमुख फोकस बनी हुई है।

ध्यान देने योग्य जोखिम

रिपोर्ट प्रगति को रेखांकित करती है, लेकिन निवेशकों को महत्वाकांक्षी कार्बन कटौती लक्ष्यों के कार्यान्वयन और जल पॉजिटिविटी और ZLD सुविधाओं को बनाए रखने की लागत संबंधी निहितार्थों पर नजर रखनी होगी। प्रतिस्पर्धी वैश्विक दवा बाजारों में 'फर्स्ट-टू-मार्केट' बढ़त बनाए रखने के लिए निरंतर नवाचार भी महत्वपूर्ण है।

पीयर तुलना

(फाइलिंग में कोई पीयर तुलना डेटा उपलब्ध नहीं है।)

प्रासंगिक मेट्रिक्स (समय-आधारित)

  • कुल स्टैंडअलोन टर्नओवर: ₹20,102 करोड़ (FY 2025-26)
  • CSR खर्च: ₹111.41 करोड़ (FY 2025-26)
  • कुल कर्मचारी: 36,726
  • संयुक्त LTIFR: 0.04 (प्रति मिलियन-व्यक्ति घंटे काम)
  • नेट-जीरो लक्ष्य: FY 2045
  • स्कोप 1 और 2 उत्सर्जन में कमी का लक्ष्य: FY 2030 तक 80% (vs FY 2023)

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशकों को भविष्य की रिपोर्टों में स्कोप 1, 2, और 3 उत्सर्जन डेटा, विशेष रूप से डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों के मुकाबले Dr. Reddy's की प्रगति की निगरानी करनी चाहिए। लैंगिक समानता लक्ष्यों पर प्रगति, विशेष रूप से 2030 तक वरिष्ठ नेतृत्व में 35% महिलाओं तक पहुंचना, और 'फर्स्ट-टू-मार्केट' उत्पाद लॉन्च की सफलता दर भी प्रमुख संकेतक होंगे।

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