Corona Remedies ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **22.2%** बढ़कर **₹441 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसे मुख्य रूप से घरेलू कारोबार में आई **22.9%** की तेजी से बल मिला है।
मुनाफे और ग्रोथ का गणित
कंपनी ने इस तिमाही में अपनी पकड़ और मजबूत की है। जहां रेवेन्यू में शानदार बढ़ोतरी देखी गई, वहीं EBITDA भी 22.3% बढ़कर ₹96 करोड़ रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 15.3% की बढ़त के साथ ₹60 करोड़ पर दर्ज किया गया। मुनाफे की रफ्तार रेवेन्यू के मुकाबले थोड़ी धीमी रही, जिसकी मुख्य वजह नई फैसिलिटीज पर बढ़ा डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन कॉस्ट है।
बाजार से बेहतर प्रदर्शन
Corona Remedies का डोमेस्टिक बिजनेस कंपनी की रीढ़ बना हुआ है, जो कुल रेवेन्यू में 97% हिस्सेदारी रखता है। खास बात यह है कि कंपनी का क्रॉनिक सेगमेंट 29% की रफ्तार से दौड़ रहा है, जो भारतीय फार्मा मार्केट की 14.9% की औसत ग्रोथ रेट से लगभग दोगुना है। मैनेजमेंट का लक्ष्य भविष्य में भी भारतीय फार्मा मार्केट से 1.5 गुना ज्यादा तेज ग्रोथ बनाए रखना है।
नई रणनीतियां और भविष्य की राह
कंपनी अब IVF, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी और रुमेटोलॉजी जैसे हाई-ग्रोथ थेरेपी एरियाज में तेजी से विस्तार कर रही है। इसके अलावा, कंपनी ब्रांड और छोटी कंपनियों के अधिग्रहण (Acquisition) के मौके भी तलाश रही है। हालांकि, 'Wokadine' ब्रांड का एकीकरण उम्मीद से थोड़ा धीमा चल रहा है, लेकिन मैनेजमेंट ने इसे लेकर पॉजिटिव रुख अपनाया है।
सुरक्षा का कवच
निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी का नेशनल लिस्ट ऑफ एसेंशियल मेडिसिन्स (NLEM) के दायरे में एक्सपोजर सिर्फ 7.5% है, जिससे दवाओं की कीमतों में होने वाले बदलावों का असर कम होता है। कंपनी का EBITDA मार्जिन स्थिर रहकर 21.7% पर बना हुआ है।
