Concord Drugs Limited ने FY 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू दोगुना होकर **₹75.85 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) उछलकर **₹1.04 करोड़** दर्ज किया गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का दम
कंपनी की 31वीं एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में Concord Drugs ने जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹36.93 करोड़ से बढ़कर ₹75.85 करोड़ हो गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी ₹0.30 करोड़ से बढ़कर ₹1.04 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी का बेसिक EPS भी ₹0.30 से सुधरकर ₹0.93 हो गया है।
कैपिटल एक्सपेंशन और रणनीति
कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए 31,75,000 इक्विटी शेयर और 20,25,000 कन्वर्टिबल वारंट्स को ₹36.30 प्रति यूनिट के भाव पर जारी किया है। साथ ही, कंपनी ने अपनी ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को बढ़ाकर ₹15.5 करोड़ कर दिया है, जो भविष्य में कंपनी के विस्तार की तैयारी को दर्शाता है।
डिविडेंड और कॉर्पोरेट फैसले
कंपनी ने ग्रोथ के लिए कैश लिक्विडिटी बनाए रखने का फैसला किया है, जिसके चलते इस साल कोई डिविडेंड घोषित नहीं किया गया है। साथ ही, बोर्ड ने S. Nagi Reddy की मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर पुनर्नियुक्ति और Pundarikashyam and Associates को वैधानिक ऑडिटर बनाए रखने का प्रस्ताव रखा है।
निवेश से पहले रिस्क पर डालें नजर
निवेशकों को कुछ कानूनी और रेगुलेटरी चुनौतियों के प्रति सावधान रहना चाहिए:
- टैक्स लिटिगेशन: असेसमेंट ईयर 2011-12 से संबंधित ₹2.58 करोड़ का इनकम टैक्स मामला अभी भी पेंडिंग है।
- रेगुलेटरी जुर्माना: BSE को LODR रेगुलेशन 6(1) के उल्लंघन के लिए कंपनी ने ₹2,00,600 का जुर्माना भरा है, साथ ही फाइलिंग में देरी की समस्या भी सामने आई है।
