Cian Healthcare ने आधिकारिक तौर पर अपनी कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) को पूरा कर लिया है। कंपनी में अब नई मैनेजमेंट टीम आ गई है और कैपिटल रीस्ट्रक्चरिंग भी की गई है। हालांकि, निवेशकों के लिए बढ़ते ऑपरेटिंग लॉस और ऑडिटर्स की गंभीर टिप्पणियाँ अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। कंपनी ने लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए मार्केट लॉट साइज को भी **137** शेयर कर दिया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और नए नतीजे
इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया से बाहर आने के बाद Cian Healthcare के सामने परफॉर्मेंस सुधारने की चुनौती है। FY 2025-26 में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू गिरकर ₹28.30 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹30.88 करोड़ था। कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹21.02 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹19.66 करोड़ था।
बड़ा बदलाव और नई टीम
NCLT से मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी ने अपने कैपिटल का बड़ा कायाकल्प किया है। पुराने प्रमोटर्स के शेयर्स को खत्म कर दिया गया है और नए 'सक्सेसफुल रिजॉल्यूशन एप्लिकेंट' (SRA) को नए शेयर जारी किए गए हैं। 1 फरवरी, 2026 से नई बोर्ड टीम काम संभाल चुकी है, जिसमें राजेश जैन को मैनेजिंग डायरेक्टर और मनीष गोस्वामी को चेयरपर्सन बनाया गया है।
ऑडिटर्स की चेतावनी और जोखिम
कंपनी के लिए सबसे बड़ा रिस्क ऑडिटर्स की रिपोर्ट है। ऑडिटर्स ने वित्तीय रिपोर्टिंग की सटीकता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इन्वेंट्री वैल्यूएशन में ₹13.54 करोड़ का अंतर पाया गया है, संपत्तियों का फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं हुआ है और लोन-एडवांस के लिए ₹27.81 करोड़ के प्रावधान के पुख्ता सबूत नहीं दिए गए हैं।
क्या है स्थिति?
कंपनी का EBITDA लॉस ₹2.77 करोड़ से बढ़कर ₹5.27 करोड़ हो गया है। साथ ही, कंपनी की सब्सिडियरी 'Dr. Smith's Biotech Private Limited' अभी भी CIRP प्रक्रिया के अधीन है, जो ग्रुप की हेल्थ पर भारी पड़ रही है। निवेशकों की नजर अब 29 सितंबर, 2026 को होने वाली 23वीं एजीएम (AGM) पर है, जहाँ M/s Rasool Singhal & Co. को नए वैधानिक ऑडिटर के तौर पर नियुक्त किया जा सकता है।
