Chandra Bhagat Pharma ने अपनी 23वीं AGM में **66 लाख** कन्वर्टिबल वारंट जारी करने के प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी मांगी है। कंपनी के भविष्य के विस्तार के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।
AGM के मुख्य एजेंडे
मुंबई में आयोजित अपनी 23वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी ने कई बड़े प्रस्ताव रखे। इसमें FY26 के फाइनेंशियल अकाउंट्स को मंजूरी देना और डायरेक्टर प्रणव हेमंत भगत की दोबारा नियुक्ति शामिल रही। मैनेजमेंट ने यह भी साफ किया कि 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए साल के लिए ऑडिटर्स की रिपोर्ट में कोई भी निगेटिव ऑब्जर्वेशन नहीं है।
वारंट इश्यू और शेयरधारकों पर असर
कंपनी ने प्रमोटर और नॉन-प्रमोटर दोनों के लिए कुल 66,00,000 कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने की योजना बनाई है। यह कंपनी की कैपिटल स्ट्रक्चर और विस्तार की रणनीति के लिए काफी महत्वपूर्ण है। हालांकि, मौजूदा शेयरधारकों को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि भविष्य में इनका इक्विटी में कन्वर्जन होने से हिस्सेदारी में डाइल्यूशन (Dilution) हो सकता है।
वोटिंग प्रक्रिया और आगे क्या?
BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड होने के कारण कंपनी ने फिजिकल पोलिंग के जरिए वोटिंग प्रक्रिया पूरी की। कट-ऑफ डेट 25 अगस्त, 2026 तक के शेयरधारक इसमें शामिल हुए। अब निवेशकों की नजरें स्क्रूटिनाइजर रिपोर्ट पर हैं, जिसके आने के 2 वर्किंग डेज के भीतर औपचारिक नतीजों की घोषणा की जाएगी। इन नतीजों से साफ होगा कि कंपनी को विस्तार के लिए जरूरी ग्रीन सिग्नल मिला या नहीं।
