Centenial Surgical Suture Ltd के लिए FY2026 चुनौती भरा रहा। कंपनी की रेवेन्यू **₹53.84 करोड़** पर स्थिर रही, लेकिन बाजार में जबरदस्त कॉम्पिटिशन और ओवरसप्लाई के चलते नेट लॉस बढ़कर **₹2.20 करोड़** पर पहुंच गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी ने बीते फाइनेंशियल ईयर (FY26) के आंकड़े जारी किए हैं। पिछले साल जहां घाटा ₹1.46 करोड़ था, वहीं इस साल यह बढ़कर ₹2.20 करोड़ हो गया है। हालांकि, ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹53.84 करोड़ पर स्थिर बनी हुई है, जबकि पिछले साल यह ₹53.52 करोड़ थी। कैश बचाने के लिए कंपनी ने इस बार कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
क्यों बढ़ रही है मुश्किलें?
कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि सर्जिकल सूचर मार्केट में इस समय सप्लाई बहुत ज्यादा है और कीमतों को लेकर जबरदस्त कॉम्पिटिशन चल रहा है। उम्मीद के मुताबिक नतीजे न आने के कारण अब निवेशकों की नजर कंपनी के नए प्लान्स पर है।
नई स्ट्रैटेजी और मैनेजमेंट में बदलाव
- बैकवर्ड इंटीग्रेशन: कंपनी अब थर्ड-पार्टी सप्लायर्स पर निर्भरता कम करने के लिए खुद कच्चे माल (Raw Materials) का निर्माण कर रही है।
- नए प्रोडक्ट्स: कंपनी दो नए मेडिकल डिवाइस कोड्स पर काम कर रही है, जो अगले साल से कमर्शियल प्रोडक्शन में आ सकते हैं।
- जीरो-डेट बैलेंस शीट: अच्छी खबर यह है कि कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है, जो इस मुश्किल दौर में उसे मजबूती देता है।
- लीडरशिप: बोर्ड ने अनुराधा कशीकर (Anuradha Kashikar) को अगले 3 साल के लिए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में दोबारा नियुक्त किया है। साथ ही, महेश चंद्र एंड एसोसिएट्स (Mahesh Chandra & Associates) को फिर से स्टैचुटरी ऑडिटर बनाया गया है।
