Bliss GVS Pharma में ओनरशिप ट्रांजिशन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। कंपनी ने अपने 27 प्रमोटर्स को 'पब्लिक' कैटेगरी में रीक्लासिफाई कर दिया है, जिसके बाद अब कंट्रोल पूरी तरह से नई मैनेजमेंट के पास आ गया है।
ओनरशिप में बड़ा बदलाव
कंपनी में मालिकाना हक के ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। Anupam Rasayan India के साथ हुए शेयर परचेज एग्रीमेंट (SPA) के बाद, 27 पूर्व प्रमोटर्स ने अपनी हिस्सेदारी घटाकर लगभग 0.01% कर दी है। इससे पहले इस ग्रुप के पास कुल 34.82% की हिस्सेदारी थी, जिसे अब पूरी तरह से डाइवैस्ट कर दिया गया है।
प्रमुख प्रमोटर का एग्जिट
इस प्रक्रिया में Narsimha Shibroor Kamath ने अपनी पूरी 30.51% की हिस्सेदारी बेच दी है। यह बदलाव SEBI के 'टेकओवर रेगुलेशंस' और 'लिस्टिंग रेगुलेशंस' के नियम 31(A) के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
यह कदम कंपनी में ओनरशिप से जुड़ी अनिश्चितताओं को खत्म करता है। अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नया मैनेजमेंट कंपनी की बिजनेस स्ट्रैटेजी और बोर्ड में क्या बड़े बदलाव लेकर आता है। निवेशकों को कंपनी की अगली बोर्ड मीटिंग्स और स्ट्रैटेजिक रोडमैप पर नजर रखनी चाहिए, जो आने वाले समय में स्टॉक की दिशा तय करेंगे।
