Bharat Parenterals ने Q2 FY27 में जबरदस्त वापसी की है। कंपनी ने घाटे से उबरकर **₹11.8 करोड़** का शानदार प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि रेवेन्यू में **110%** की भारी उछाल देखी गई है।
मुनाफे में बड़ी वापसी
Bharat Parenterals Limited (BPL) ने दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने पिछले साल इसी तिमाही में हुए ₹8.6 करोड़ के नुकसान के मुकाबले इस बार ₹11.8 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 110% उछलकर ₹136.3 करोड़ पर पहुंच गया है, जिसमें सहायक कंपनी Innoxel Life Sciences का बड़ा योगदान रहा है। Innoxel की आय में 253% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो ₹44.5 करोड़ तक पहुंच गई है।
फंड जुटाने की तैयारी
ग्रोथ प्लान को गति देने के लिए कंपनी के बोर्ड ने ₹139 करोड़ जुटाने का प्रस्ताव पारित किया है। इसके तहत 9.1 लाख से अधिक शेयर ₹1,522.85 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए जाएंगे।
ग्लोबल मार्केट में एंट्री
यह तिमाही कंपनी के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट है। Innoxel ने 20 अक्टूबर, 2026 से अमेरिकी बाजार में अपना पहला कमर्शियल एक्सपोर्ट शुरू कर दिया है। यह कदम कंपनी को डेवलपमेंट मोड से हटाकर रेगुलर रेवेन्यू मॉडल की ओर ले जाएगा। साथ ही, छमाही के दौरान कंपनी का कैश फ्लो ₹83.3 करोड़ रहा, जो विस्तार के लिए काफी मजबूती देता है।
रिस्क और चुनौतियां
एक तरफ जहां कंसोलिडेटेड नतीजे मजबूत हैं, वहीं स्टैंडअलोन बिजनेस के EBITDA मार्जिन में दबाव दिखा है, जो Q1 के 12.3% से गिरकर 9% पर आ गए हैं। मैनेजमेंट ने जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण बढ़ती इनपुट कॉस्ट को इसका मुख्य कारण बताया है। इसके अलावा, Varenyam Biolifesciences अभी रेवेन्यू-लेस फेज में है, जिसका निर्माण 2028 तक जारी रहेगा।
आगे क्या रखें नजर?
निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी बढ़ती इनपुट कॉस्ट को कैसे मैनेज करती है और Innoxel का मैन्युफैक्चरिंग रेवेन्यू दूसरी छमाही में कितनी रफ्तार पकड़ता है।
