Bharat Parenterals Limited ने FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹345.43 करोड़** पर स्थिर रहा, लेकिन EBITDA में **485%** का जोरदार उछाल देखने को मिला है। कंपनी ने अपना कर्ज घटाकर **₹146.1 करोड़** कर लिया है और शेयरधारकों के लिए **₹1** प्रति शेयर के डिविडेंड की घोषणा की है।
ऑपरेशनल टर्नअराउंड की कहानी
Bharat Parenterals Ltd (BPL) के लिए FY26 एक 'ब्रिज ईयर' (Bridge Year) रहा, जिसमें कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत बनाने पर खास जोर दिया है। कंपनी का EBITDA मार्जिन पिछले साल के 0.8% से बढ़कर 4.6% हो गया है। हालांकि कंपनी को ₹27.31 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, लेकिन ऑपरेशनल फ्रंट पर ₹15.82 करोड़ का EBITDA एक सकारात्मक संकेत है।
सब्सिडियरी कंपनियों का दम
ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनियां अब बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। Innoxel Lifesciences ने अपनी पहली EBITDA-पॉजिटिव तिमाही दर्ज की है, साथ ही कंपनी को US FDA और EU-GMP जैसे महत्वपूर्ण रेगुलेटरी अप्रूवल भी मिल गए हैं। इसके अलावा, Varenyam Healthcare ने भी प्रॉफिट कमाना शुरू कर दिया है और इसका रेवेन्यू 13.7% की रफ्तार से बढ़ा है।
आगे का रास्ता और जोखिम
कंपनी ने 19 सितंबर, 2026 को अपनी AGM बुलाई है, जहां डिविडेंड पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। मैनेजमेंट ने FY27 को 'कमर्शियल इन्फ्लेक्शन' (Commercial Inflection) ईयर करार दिया है, जिसमें कंपनी का पूरा फोकस CDMO ऑपरेशंस को बढ़ाने और बायोलॉजिक्स फैसिलिटी पर रहेगा। हालांकि, निवेशकों को फार्मा सेक्टर में रेगुलेटरी सख्ती, API की कीमतों में उतार-चढ़ाव और करेंसी रिस्क जैसे फैक्टर्स पर नजर रखनी चाहिए।
