Bajaj Healthcare Limited ने FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **12.6%** बढ़कर **₹611.03 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन एकमुश्त नुकसान (exceptional loss) के चलते नेट प्रॉफिट **50.4%** गिरकर **₹21.31 करोड़** रह गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र
Bajaj Healthcare के FY26 नतीजों में मिली-जुली तस्वीर देखने को मिली है। जहां एक ओर कंपनी का रेवेन्यू पिछले वित्त वर्ष के ₹542.60 करोड़ से बढ़कर ₹611.03 करोड़ हो गया है, वहीं नेट प्रॉफिट में 50.4% की बड़ी गिरावट आई है। यह गिरावट मुख्य रूप से ₹33.25 करोड़ के एकमुश्त एक्सेप्शनल लॉस के कारण हुई है। राहत की बात यह है कि कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹1.50 प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है, जिस पर 21 सितंबर, 2026 को होने वाली 33वीं AGM में मुहर लगेगी।
क्यों चिंता का विषय है?
कंपनी दुनिया भर के 60 देशों में 575 से अधिक ग्राहकों को सेवाएं दे रही है, जो उसकी मजबूत मार्केट डिमांड को दर्शाता है। कंपनी ने 250 से अधिक प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो तैयार किया है। अच्छी बात यह है कि कंपनी का डेब्ट-इक्विटी रेशियो 0.51 से सुधरकर 0.47 पर आ गया है, जो बेहतर फाइनेंशियल मैनेजमेंट को दर्शाता है।
आगे का रास्ता और चुनौतियां
Genrx Pharmaceuticals से अधिग्रहित नासिक फैसिलिटी का एकीकरण अभी बाकी है, जिसके लिए ट्रिब्यूनल की मंजूरी का इंतजार है। इसके शुरू होने से कंपनी की फॉर्मूलेशन क्षमता काफी बढ़ जाएगी। साथ ही, बोर्ड ने सज्जन कुमार आर. बजाज को अगले 3 वर्षों के लिए चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्त किया है। हालांकि, नासिक प्लांट के एकीकरण में देरी और एक्सपोर्ट्स से आने वाले रेवेन्यू पर निवेशकों को पैनी नजर रखनी होगी।
कुछ मुख्य आंकड़े:
- EBITDA: ₹111.95 करोड़ (9.9% की सालाना बढ़ोतरी)
- EPS: ₹4.98 (FY25 में ₹13.29 था)
- API क्षमता: 824 MT प्रति माह (कुल 20 एक्टिव फैसिलिटीज)
