Bafna Pharmaceuticals ने अपने FY26 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी के नेट प्रॉफिट में **167%** का ज़बरदस्त उछाल आया है। एक्सपोर्ट सेल्स ने भी कमाल दिखाया है, जो कुल टर्नओवर का **64%** रहा। कंपनी ने न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) के नियमों का पालन भी समय से पहले कर लिया है।
Bafna Pharmaceuticals के दमदार FY26 नतीजे!
Bafna Pharmaceuticals ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 167.30% बढ़कर ₹11.34 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, प्रति शेयर आय (EPS) भी पिछले वित्त वर्ष के ₹1.76 से बढ़कर ₹4.69 हो गई है।
क्या रहा खास?
कंपनी के मैनेजमेंट ने इस बार कॉस्ट कटिंग और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर खास ध्यान दिया है, जिसका नतीजा नतीजों में साफ दिख रहा है। कुल रेवेन्यू में 3.26% की मामूली बढ़त के साथ यह ₹150.62 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA में 48.74% का शानदार इजाफा देखने को मिला और यह ₹20.70 करोड़ दर्ज किया गया।
एक्सपोर्ट का जलवा
कंपनी की एक्सपोर्ट सेल्स इस बार चमक बिखेरती नजर आई। इसमें 31.29% की जोरदार ग्रोथ के साथ यह ₹95.81 करोड़ पर पहुंच गई। अब यह कंपनी के कुल टर्नओवर का 64% हिस्सा है, जो डोमेस्टिक मार्केट पर निर्भरता को कम करता है।
पब्लिक शेयरहोल्डिंग का लक्ष्य भी हासिल
Bafna Pharmaceuticals ने 25% न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) का लक्ष्य भी 2 अप्रैल, 2025 की डेडलाइन से पहले ही हासिल कर लिया है।
क्यों है यह अहम?
नेट प्रॉफिट और EBITDA में इतनी बड़ी बढ़ोतरी कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कॉस्ट मैनेजमेंट को दर्शाती है। एक्सपोर्ट सेल्स में दमदार प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंपनी की मजबूत पकड़ और डायवर्सिफिकेशन को दिखाता है। ICRA द्वारा क्रेडिट आउटलुक को पॉजिटिव किए जाने से निवेशकों का भरोसा और भी बढ़ा है।
पिछली कहानी
पिछले वित्त वर्ष (FY2024-25) में, Bafna Pharmaceuticals ने ₹145.86 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹3.97 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ₹13.92 करोड़ का EBITDA दर्ज किया था।
आगे क्या?
कंपनी अपने ग्रेंटन, चेन्नई स्थित प्लांट के आधुनिकीकरण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए प्रोडक्ट्स रजिस्टर कराने पर फोकस कर रही है, जिससे भविष्य में ग्रोथ की उम्मीदें बढ़ जाती हैं। अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर को ऑडिट ट्रेल के साथ अपग्रेड करना भी एक अहम कदम है। MPS की जरूरतों को पूरा करने के लिए SRJR Lifesciences LLP द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) के बाद प्रमोटर की हिस्सेदारी 74.57% है।
जोखिम पर रखें नजर
ऑडिटर्स ने बताया है कि मौजूदा अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में ऑडिट ट्रेल (एडिट लॉग) की कमी है, जिसे कंपनी अपग्रेड कर रही है। इसके अलावा, कंपनी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) से जुड़े कुछ कानूनी मामलों का सामना कर रही है, जिन पर निवेशकों की नजर रहेगी।
प्रदर्शन पर एक नजर (FY2025-26)
- रेवेन्यू: ₹150.62 करोड़
- EBITDA: ₹20.70 करोड़
- नेट प्रॉफिट: ₹11.34 करोड़
- EPS: ₹4.69
अगले कदम
निवेशक अब अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर अपग्रेड और GST लिटिगेशन के समाधान पर कंपनी के प्रोग्रेस पर बारीकी से नजर रखेंगे। एक्सपोर्ट सेल्स में लगातार ग्रोथ और नए प्रोडक्ट फाइलिंग्स भविष्य के प्रदर्शन के अहम इंडिकेटर होंगे।
