Bacil Pharma के लिए यह आधा साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी ने सितंबर 2026 तक के लिए **₹0.03 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी **₹0.68 करोड़** के मुनाफे में थी।
बिगड़ती वित्तीय स्थिति
कंपनी का रेवेन्यू इस बार पिछले साल के ₹1.06 करोड़ से घटकर महज ₹0.18 करोड़ रह गया है, जो कंपनी के ऑपरेशंस में आ रही बड़ी सुस्ती को दर्शाता है। यह डेटा उन निवेशकों के लिए चिंता का विषय है जो कंपनी के रिवाइवल की उम्मीद कर रहे थे।
क्यों बढ़ी है निवेशकों की चिंता?
नतीजों के अलावा कंपनी की बैलेंस शीट में हुआ बदलाव भी एक बड़ा 'रेड फ्लैग' है। जहां 31 मार्च 2026 तक कंपनी पर कोई कर्ज नहीं था, वहीं 30 सितंबर 2026 तक कंपनी का कंसोलिडेटेड कर्ज बढ़कर ₹5.52 करोड़ पर पहुंच गया है।
कैश पोजीशन पर एक नजर
हालांकि कंपनी के पास ₹0.97 करोड़ का कैश और कैश इक्विवेलेंट मौजूद है, जो मार्च 2026 के ₹0.57 करोड़ के मुकाबले बेहतर है, लेकिन गिरता हुआ रेवेन्यू और बढ़ता कर्ज कंपनी की लिक्विडिटी के लिए आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकते हैं। इन परिणामों को SEBI के नियमों के तहत ऑडिट कमेटी और स्टैचुटरी ऑडिटर्स द्वारा रिव्यू किया गया है।
